भारतीय तीरंदाजी में नया इतिहास: धीरज बोम्मादेवरा ने वर्ल्ड कप फाइनल का गोल्ड जीता
भारतीय तीरंदाजी के लिए मेक्सिको से एक ऐतिहासिक खबर आई है, जहाँ धीरज बोम्मादेवरा ने वर्ल्ड कप फाइनल का खिताब जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 25…
भारतीय तीरंदाजी के लिए मेक्सिको से एक ऐतिहासिक खबर आई है, जहाँ धीरज बोम्मादेवरा ने वर्ल्ड कप फाइनल का खिताब जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षीय धीरज यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। साल्टिलो में हुए बेहद रोमांचक फाइनल में उन्होंने जापान के जुन्या नाकानिशी को मात दी।
यह जीत धीरज के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वह इससे पहले दो बार (2023 और 2024 में) वर्ल्ड कप फाइनल से बिना पदक के लौटे थे। इस बार उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में धैर्य और सटीकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल की।
शूट-ऑफ में तय हुआ गोल्ड का फैसला
धीरज और दुनिया के 20वें नंबर के खिलाड़ी नाकानिशी के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला आखिरी क्षणों तक तनावपूर्ण बना रहा। पांच सेट के बाद दोनों तीरंदाज 5-5 की बराबरी पर थे। इसके बाद फैसला शूट-ऑफ से हुआ, जहाँ भारतीय सेना के जवान धीरज ने परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जबकि जापानी प्रतिद्वंद्वी 9 पर ही रुक गए और गोल्ड मेडल भारत के नाम हो गया। फाइनल के पांच सेटों का स्कोर 28-28, 28-29, 29-28, 28-30 और 28-27 रहा, जो मुकाबले के कड़ेपन को दर्शाता है।
16 साल बाद पुरुष रिकर्व में बड़ी सफलता
धीरज की यह जीत भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी में 16 साल के सूखे को खत्म करती है। इससे पहले जयंत तालुकदार ने 2010 में कांस्य पदक जीता था, लेकिन कोई भी भारतीय पुरुष तीरंदाज स्वर्ण तक नहीं पहुँच पाया था। ओवरऑल, यह 19 साल बाद भारत का पहला व्यक्तिगत वर्ल्ड कप फाइनल गोल्ड है। इससे पहले 2007 में डोला बनर्जी ने महिलाओं का खिताब अपने नाम किया था।
इनपुट: IANS


