ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत के बाद भी बांग्लादेश चिंतित, कोच ने टीम को दी यह बड़ी चेतावनी
डार्विन में ऑस्ट्रेलिया पर 9 विकेट की यादगार जीत दर्ज करने के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट टीम आत्ममुग्धता से बच रही है। टीम के मुख्य कोच फिल सिमंस ने अपनी टीम को चेतावनी दी है कि दूसरे टेस्ट में…
डार्विन में ऑस्ट्रेलिया पर 9 विकेट की यादगार जीत दर्ज करने के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट टीम आत्ममुग्धता से बच रही है। टीम के मुख्य कोच फिल सिमंस ने अपनी टीम को चेतावनी दी है कि दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम कहीं ज़्यादा मज़बूती से पलटवार करेगी, इसलिए खिलाड़ियों को और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार रहना होगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सिमंस ने साफ़ किया कि पहला टेस्ट जीतना एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन काम अभी आधा ही हुआ है।
सिमंस ने कहा, "मैंने खिलाड़ियों से यही कहा है और फिर दोहराऊंगा कि ऑस्ट्रेलिया ज़बरदस्त वापसी करेगा। इसलिए हमें या तो उसी स्तर पर खेलना होगा या उससे थोड़ा बेहतर करना होगा।" उन्होंने आगे कहा, "हम जानते हैं कि वे अपना खेल बदलेंगे और हम पर और भी ज़ोरदार हमला करेंगे।"
जीत के बावजूद बदलाव की संभावना नहीं
बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ शोरिफुल इस्लाम ने नेट्स में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है, लेकिन कोच सिमंस ने संकेत दिए हैं कि वह विजयी टीम संयोजन में बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों में से हूं, जो जीतने वाली टीम में बदलाव करना पसंद नहीं करते।" सिमंस ने अपने सभी गेंदबाज़ों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने योजना के अनुसार ही गेंदबाज़ी की और विश्व-स्तरीय ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
पहली पारी की बल्लेबाज़ी अहम
डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश की जीत की नींव पहली पारी में रखी गई थी, जहाँ टीम ने 138 ओवर बल्लेबाज़ी करते हुए 426 रन बनाए थे। सिमंस चाहते हैं कि टीम दूसरे टेस्ट में भी यही रणनीति अपनाए। उन्होंने कहा, "टेस्ट क्रिकेट में आप पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाकर दूसरी टीम पर दबाव बनाते हैं। अगर मेरी टीम पांच दिनों में से 11 घंटे बल्लेबाज़ी कर सकती है, तो विपक्षी टीम पर दबाव बनना तय है।"
दिलचस्प बात यह है कि डार्विन टेस्ट से पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ़ अभ्यास मैच में बांग्लादेश की टीम महज़ 54 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इसके बावजूद सिमंस का कहना है कि टीम की मेहनत और लगन को देखते हुए उनका भरोसा कभी कम नहीं हुआ था।
इनपुट: IANS


