अभिजीत वघानी ने बताया, फिल्मी गानों और इंडी म्यूजिक में क्या है सबसे बड़ा फ़र्क
बॉलीवुड की 90 से ज़्यादा फिल्मों में अपने संगीत का जादू बिखेरने वाले मशहूर संगीतकार और निर्माता अभिजीत वघानी का मानना है कि फिल्मों के लिए संगीत तैयार करना एक तय दायरे में काम करने जैसा है, जबकि…
बॉलीवुड की 90 से ज़्यादा फिल्मों में अपने संगीत का जादू बिखेरने वाले मशहूर संगीतकार और निर्माता अभिजीत वघानी का मानना है कि फिल्मों के लिए संगीत तैयार करना एक तय दायरे में काम करने जैसा है, जबकि इंडिपेंडेंट (इंडी) म्यूजिक कलाकारों को पूरी रचनात्मक आज़ादी देता है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने इन दोनों तरह के संगीत को बनाने के अपने अनुभव साझा किए।
वघानी ने बताया कि फिल्मों में संगीत की ज़रूरत कहानी, किरदार और सीन के हिसाब से तय होती है। उन्होंने कहा, "लगभग सभी फिल्मों में इमोशनल, प्यार भरा, पार्टी सॉन्ग, शादी या फिर ट्रैवल पर आधारित 5-6 गाने हमेशा होते हैं।" लंबे समय तक इंडस्ट्री में काम करने की वजह से उन्हें इन सभी सिचुएशन के गानों की अच्छी समझ हो गई है।
काम आसान भी, लेकिन दायरे में
उनके मुताबिक, यह तय ढाँचा एक तरह से काम को आसान भी बना देता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "अगर कोई सिर्फ़ इतना भी कह दे कि यह ट्रैवल सॉन्ग है, तो मुझे तुरंत समझ आ जाता है कि किस तरह का गाना बनाना है।"
इसके विपरीत, इंडी म्यूजिक में कलाकार अपनी मर्ज़ी का मालिक होता है। वघानी ने कहा, "इंडी म्यूजिक में पूरी आज़ादी होती है। उसमें आप विषय और परिस्थितियाँ खुद तय कर सकते हैं।" उन्होंने बताया कि जब कोई इंडी कलाकार पहाड़ों पर गाना बनाने की बात करता है, तो वह भी एक तरह का ट्रैवल सॉन्ग ही होता है, बस उसे कहने का अंदाज़ अलग होता है।
कई हिट फिल्मों से जुड़ा है नाम
अभिजीत वघानी ने 'बजरंगी भाईजान', 'एयरलिफ्ट', 'की एंड का' और 'डिशूम' जैसी कई सफल फिल्मों में संगीत निर्माण और बैकग्राउंड स्कोर में अहम योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी संगीतकार के लिए कौन-सा ज़ोन बेहतर है, यह हर कलाकार की अपनी सोच और पसंद पर निर्भर करता है।
इनपुट: IANS


