शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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एशियन गेम्स में रचा इतिहास: 18 साल की अनाहत सिंह स्क्वैश सिंगल्स में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश सनसनी अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला…

एशियन गेम्स में रचा इतिहास: 18 साल की अनाहत सिंह स्क्वैश सिंगल्स में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
(फोटो: IANS)

भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश सनसनी अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। हालांकि, फाइनल में उन्हें मलेशिया की अनुभवी और डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अनाहत ने अपने जुझारू प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।

समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए अनाहत ने अपनी खेल भावना का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "मैं ईमानदारी से इसे आसानी से जाने नहीं देना चाहती थी। उनके पक्ष में स्कोर 3-0 था, लेकिन मैं बिना लड़े एक भी पॉइंट नहीं छोड़ना चाहती थी।" उन्होंने माना कि यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था, फिर भी उन्होंने कहा, "मैं आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी, क्योंकि कभी पता नहीं चलता क्या हो जाए।"

कड़ा मुकाबला और यादगार सफर

अनाहत का फाइनल तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने सेमीफाइनल में विश्व नंबर 6 जापान की सतोमी वातानाबे को हराया था, जहाँ वह दो गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए दो मैच पॉइंट बचाकर जीती थीं। फाइनल में उनका सामना वर्ल्ड नंबर 5 शिवसंगरी से हुआ, जिन्होंने अपने आक्रामक खेल से हांगझोउ 2022 में जीते अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया।

अपने अभियान पर संतोष जताते हुए अनाहत ने कहा, "प्रतियोगिता बहुत कठिन थी। शिवा दुनिया में पांचवें नंबर पर हैं, सतोमी छठे नंबर पर हैं, इसलिए टॉप खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना ही बहुत खास है। मैं सिल्वर मेडल से काफी खुश हूं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह उनका पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स था और इस स्तर पर खेलना और सीखना किसी भी एथलीट के लिए रोमांचक होता है।

ओलंपिक का सपना और भविष्य की राह

इस सिल्वर मेडल के साथ अनाहत लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करने से चूक गईं, जहाँ स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है। एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट को सीधा कोटा मिलना था। इस पर उन्होंने कहा, "मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन हमेशा कुछ चीजें काम करती हैं और कुछ नहीं। उम्मीद है अगले दो साल का सफर अच्छा रहेगा।"

देश की राष्ट्रपति ने भी 'एक्स' पर पोस्ट कर अनाहत को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, "एशियन गेम्स 2026 में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने पर अनाहत सिंह को मेरी हार्दिक बधाई। एशियन गेम्स में स्क्वैश सिंगल्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर आपने इतिहास रच दिया है।"

युवाओं को प्रेरणा

मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत ने खेल में करियर बनाने की इच्छा रखने वाली युवा लड़कियों को भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "मैं बस यही कहूंगी कि अपना सब कुछ झोंक दो। अगर आप किसी चीज से प्यार करते हो और उसके प्रति जुनूनी हो, तो उसे आसानी से मत छोड़ो।" उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच, सरकार और स्पॉन्सर्स को दिया।

इनपुट: IANS

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