रविवार, 1 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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नारंगी जर्सी को लेकर आलोचना पर हॉकी इंडिया का जवाब: 'इस रंग ने हमें गोल्ड दिलाया'

एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीमों के दोहरे स्वर्ण पदक की जीत के बाद हॉकी इंडिया ने टीम की नई नारंगी जर्सी को लेकर उठे सवालों का करारा जवाब दिया है। महासंघ के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा है कि…

नारंगी जर्सी को लेकर आलोचना पर हॉकी इंडिया का जवाब: 'इस रंग ने हमें गोल्ड दिलाया'
(फोटो: IANS)

एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीमों के दोहरे स्वर्ण पदक की जीत के बाद हॉकी इंडिया ने टीम की नई नारंगी जर्सी को लेकर उठे सवालों का करारा जवाब दिया है। महासंघ के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा है कि खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से सभी आलोचकों को चुप करा दिया है और यह जर्सी टीम के लिए 'भाग्यशाली' साबित हुई है।

समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में भोला नाथ सिंह ने बताया कि जर्सी का यह रंग खुद खिलाड़ियों ने चुना था और वे इसे पहनना चाहते थे। उन्होंने कहा, "अब यह जर्सी बनी रहेगी। मुझे लगता है कि यह हमारी टीम के लिए भाग्यशाली रही है। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने इसे पहनकर स्वर्ण पदक जीते हैं। यह सभी आलोचकों को शानदार जवाब है।"

क्यों हुआ था जर्सी पर विवाद?

दरअसल, 2026 FIH हॉकी विश्व कप के लिए जब हॉकी इंडिया ने पारंपरिक नीले रंग की जगह भगवा (नारंगी) जर्सी पेश की, तो इसे लेकर बहस छिड़ गई थी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी वीरन रसकिन्हा समेत कई लोगों ने इस बदलाव पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि नीला रंग लंबे समय से भारतीय हॉकी की पहचान रहा है और प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा है।

हालांकि, हॉकी इंडिया ने तब स्पष्ट किया था कि यह फैसला खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ से चर्चा के बाद लिया गया। महासंघ के अनुसार, नीली जर्सी मैदान के नीले सिंथेटिक टर्फ में घुल-मिल सकती थी, जिससे खिलाड़ियों को देखने में दिक्कत हो सकती थी। इसके बाद भगवा और पीले रंग के विकल्पों पर विचार हुआ और सबकी सहमति से भगवा रंग को चुना गया, जो भारतीय ध्वज का एक महत्वपूर्ण रंग भी है।

मैदान पर प्रदर्शन ने दिया जवाब

भोला नाथ सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से ठीक पहले टीम को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन खिलाड़ियों ने अपने खेल से इसका बेहतरीन जवाब दिया। एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए स्वर्ण पदक जीता और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

वहीं, पुरुष टीम ने भी अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले में हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल दागा।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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