कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई के गोल्ड से खुशी, पर दो सिल्वर मेडल से चूके मौकों पर महासंघ अध्यक्ष नाखुश
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय भारोत्तोलन टीम के प्रदर्शन पर भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (WFI) के अध्यक्ष सहदेव यादव ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। एक ओर जहाँ उन्होंने मीराबाई चानू के शानदार स्वर्ण…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय भारोत्तोलन टीम के प्रदर्शन पर भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (WFI) के अध्यक्ष सहदेव यादव ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। एक ओर जहाँ उन्होंने मीराबाई चानू के शानदार स्वर्ण पदक की प्रशंसा की, वहीं दूसरी तरफ पुरुष वर्ग में दो रजत पदकों को स्वर्ण में न बदल पाने पर असंतोष भी व्यक्त किया। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, महासंघ का मानना है कि थोड़ी और बेहतर कोशिश से भारत दो और स्वर्ण जीत सकता था।
मीराबाई चानू ने ग्लासगो में हुए इन खेलों में कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर अपना चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीता। इस प्रदर्शन में उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन, तीनों में ही गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। यादव ने बताया, "जहां तक मीराबाई की बात है, उन्होंने बिना खुद पर अधिक जोर डाले शानदार प्रदर्शन किया, क्योंकि हम उन्हें आने वाले एशियाई खेलों में 1 किलोग्राम अधिक वजन वाले वर्ग के लिए खास रणनीति के साथ तैयार कर रहे हैं।"
पुरुष वर्ग के प्रदर्शन से निराशा
महासंघ अध्यक्ष की मुख्य चिंता पुरुष भारोत्तोलकों के प्रदर्शन को लेकर थी। मुथुपंडी राजा ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में कुल 286 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। सहदेव यादव ने उनके प्रदर्शन पर कहा, "मैं राजा के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं। पहले 172 किग्रा वजन उठाने के बाद अगर उनकी कोशिशें सफल रहतीं, तो वह स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दे सकते थे। इस स्तर पर, एक भी असफल लिफ्ट से बहुत बड़ा अंतर आ जाता है।"
इसी तरह, ऋषिकंत सिंह ने भी पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में कुल 264 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक से ही संतोष किया। उनके बारे में यादव ने कहा, "ऋषिकंत का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा। हालांकि, उनके प्रदर्शन में थोड़ी कमी रह गई, जो लिफ्ट मंजूर होनी चाहिए थी, वह सफल नहीं हो पाई, जिससे पदक का रंग बदल गया।" उन्होंने साफ कहा कि पुरुष वर्ग में भारत दोनों स्वर्ण पदक जीतने से चूक गया।
भविष्य पर नजर
महासंघ अब भविष्य की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सहदेव यादव ने कहा कि राजा की उम्र को देखते हुए फेडरेशन अब भारोत्तोलकों की अगली पीढ़ी को तैयार करने पर जोर दे रहा है। सोमवार को होने वाले मुकाबलों के लिए उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत पुरुषों के 71 किग्रा, महिलाओं के 53 किग्रा और महिलाओं के 58 किग्रा इवेंट में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत सकता है।
इनपुट: IANS


