विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2024: 10 टीमों के साथ होगा दूसरा संस्करण, UAE में भिड़ेंगी 5 पूर्ण सदस्य टीमें
अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ICC विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी का दूसरा संस्करण इस बार ज़्यादा बड़ा और रोमांचक होने जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के…
अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ICC विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी का दूसरा संस्करण इस बार ज़्यादा बड़ा और रोमांचक होने जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अजमान में 12 से 25 नवंबर के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट में पहली बार 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें पाँच पूर्ण सदस्य देश भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बढ़े हुए प्रारूप का मकसद उभरती हुई टीमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज़्यादा अनुभव और प्रतिस्पर्धी मौके देना है।
इस बार टूर्नामेंट में बांग्लादेश, आयरलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे जैसी पूर्ण सदस्य टीमों के साथ पाँच एसोसिएट सदस्य भी खिताब के लिए ज़ोर-आज़माइश करेंगी। टूर्नामेंट के सभी मैच अजमान के कारवान स्पोर्ट्स और सेवन डिस्ट्रिक्ट्स ग्राउंड्स में खेले जाएँगे।
टूर्नामेंट का प्रारूप और टीमों का विभाजन
टूर्नामेंट में शामिल 10 टीमों को पाँच-पाँच के दो समूहों में बाँटा गया है। ग्रुप ए में आयरलैंड, पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी), स्कॉटलैंड, श्रीलंका और यूएई की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप बी में बांग्लादेश, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान, थाईलैंड और ज़िम्बाब्वे को रखा गया है। ग्रुप स्टेज के बाद सुपर सिक्स चरण होगा और फिर फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस प्रारूप को आईसीसी महिला क्रिकेट समिति की सिफारिश पर मंज़ूरी दी गई है, जिसकी पुष्टि आईसीसी मुख्य कार्यकारी समिति करेगी।
महिला क्रिकेट के विकास में अहम कदम
आईसीसी के जनरल मैनेजर (इवेंट्स और क्रिकेट ऑपरेशंस) गौरव सक्सेना ने इस विस्तार को महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया। उन्होंने कहा, "आईसीसी विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी को 10 टीमों तक बढ़ाना, उभरती टीमों के लिए ज़्यादा सार्थक अंतरराष्ट्रीय मुकाबला देने और महिला क्रिकेट के लगातार विकास में मदद करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।" उन्होंने आगे कहा, "पाँच फुल मेंबर्स और पाँच एसोसिएट मेंबर्स को एक साथ लाने से खिलाड़ियों को ज़्यादा तरह की टीमों के खिलाफ खुद को परखने और हाई-परफॉर्मेंस माहौल में अनुभव हासिल करने के कीमती मौके मिलेंगे।"
उल्लेखनीय है कि टूर्नामेंट का पहला संस्करण थाईलैंड ने अपनी घरेलू धरती पर जीता था। उस संस्करण में थाईलैंड, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और यूएई के अंक बराबर थे, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर विजेता का फैसला हुआ था।
इनपुट: IANS


