जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 विकेट: वैष्णवी शर्मा ने बताया कैसे घबराहट को जीत में बदला
भारतीय टीम की युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में अपने करियर का पहला 5-विकेट हॉल लेकर धूम मचा दी। वडोदरा में खेले गए तीसरे वनडे में उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भार…
भारतीय टीम की युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में अपने करियर का पहला 5-विकेट हॉल लेकर धूम मचा दी। वडोदरा में खेले गए तीसरे वनडे में उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न सिर्फ 8 विकेट से मैच जीता, बल्कि सीरीज पर 3-0 से कब्जा भी कर लिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, BCCI द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में वैष्णवी ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने से पहले वह काफी घबराई हुई थीं और रात को सो भी नहीं पाई थीं।
20 वर्षीय वैष्णवी ने अपने 10 ओवर के स्पेल में केवल 39 रन देकर 5 विकेट झटके, जिससे जिम्बाब्वे की पूरी टीम महज 131 रनों पर सिमट गई। बाएं हाथ की इस स्पिनर ने अपनी सफलता का श्रेय 'भारत ए' टीम के साथ मिले अनुभव, सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन और मैदान पर खुद को शांत रखने की क्षमता को दिया। उन्होंने कहा, "5 विकेट लेने का एहसास बिल्कुल अलग होता है। जब आप कड़ी मेहनत करते हैं और फिर मैदान पर आकर ऐसा प्रदर्शन करते हैं, तो यह वाकई बहुत शानदार एहसास होता है।"
मैच से पहले की घबराहट और वापसी
वैष्णवी ने बताया कि सीरीज के पहले दिन वह बहुत नर्वस थीं और पहले मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। दूसरे मैच में जब वह उतरीं तो भी घबराहट हावी थी। उन्होंने कहा, "मैं रात को ठीक से सो नहीं पाई। मैं बहुत कुछ सोच रही थी। आखिरकार, मैंने मैदान पर खुद को शांत किया। मैंने अपनी घबराहट पर काबू पाया और फिर अपना खेल दिखाया। मैंने सोचा, ठीक है, चलो आनंद लेते हैं।"
सीनियर खिलाड़ियों का मिला पूरा साथ
इस यादगार प्रदर्शन के दौरान उन्हें टीम की सीनियर खिलाड़ियों का भरपूर समर्थन मिला। वैष्णवी के अनुसार, "दीप्ति, शेफाली, स्मृति, हरमनप्रीत और हरलीन - सभी मेरा बहुत हौसला बढ़ा रही थीं। सच कहूं तो, हर कोई मुझे सपोर्ट कर रहा था।" उन्होंने एक मजेदार किस्सा भी साझा किया कि जब चौथा विकेट लेने के बाद उन्हें पांचवें के लिए इंतज़ार करना पड़ा, तो टीम की बाकी खिलाड़ी भी उत्साहित थीं और मज़ाक में उन्हें सभी भगवानों से प्रार्थना करने को कह रही थीं।
'भारत ए' के अनुभव ने बढ़ाया आत्मविश्वास
वैष्णवी ने यह भी बताया कि 'ऑस्ट्रेलिया ए' के खिलाफ 'भारत ए' सीरीज में उनके दमदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा, "मैंने 'ऑस्ट्रेलिया ए' सीरीज में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। एक बार 6 विकेट लिए, फिर 4 विकेट चटकाए। मैं उस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रही। इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला।"
इनपुट: IANS


