एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर जौनपुर लौटे रोहित यादव, बोले- 'ये जीत पिता को समर्पित'
एशियन गेम्स 2026 में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट रोहित यादव जब अपने घर जौनपुर पहुँचे तो उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। इस भावुक मौके पर रोहित ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय…
एशियन गेम्स 2026 में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट रोहित यादव जब अपने घर जौनपुर पहुँचे तो उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। इस भावुक मौके पर रोहित ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया, जिन्होंने उन्हें इस खेल से परिचित कराया था। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला बड़ा पदक है और इस सफ़र में उनके पिता का योगदान सबसे अहम रहा।
समाचार एजेंसी IANS के साथ बातचीत में रोहित ने कहा, "मैंने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। यह मेरा पहला मेडल है। इसमें मेरे पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से मुझे यहां तक पहुंचाया। मुझे कुछ नहीं पता था कि जैवलिन क्या होता है और यह कैसे खेला जाता है।" उन्होंने अपने पिता और अन्य समर्थकों का धन्यवाद किया।
शानदार प्रदर्शन और भविष्य की तैयारी
एशियन गेम्स 2026 में रोहित यादव ने अपने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनके अन्य प्रयास 77.25 मीटर, 82.40 मीटर, 82.16 मीटर और 82.15 मीटर के रहे। अब अपनी इस जीत से उत्साहित रोहित का अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स ओलंपिक है। उन्होंने कहा, "अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक गेम्स हैं और अब उसी की तैयारी है। अगले साल एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप है और उसी की तैयारी है।"
यशवीर ने जीता रजत, भारत को दोहरी सफलता
इस प्रतियोगिता में भारत को दोहरी सफलता मिली। रोहित के अलावा, भारत के ही यशवीर सिंह ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक पर कब्ज़ा किया। यशवीर ने अपने आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर का शानदार थ्रो फेंका और दूसरा स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति में इन दोनों एथलीटों ने देश की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए पदक तालिका में भारत का मान बढ़ाया।
इनपुट: IANS


