रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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वनडे में सबसे तेज़ दोहरा शतक: ईशान किशन के संघर्ष और वापसी की कहानी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तूफ़ानी बल्लेबाज़ी से पहचान बनाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने वनडे में सबसे तेज़ दोहरा शतक लगाकर इतिहास रचा था। लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने का उनका सफ़र बेहद…

वनडे में सबसे तेज़ दोहरा शतक: ईशान किशन के संघर्ष और वापसी की कहानी
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तूफ़ानी बल्लेबाज़ी से पहचान बनाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने वनडे में सबसे तेज़ दोहरा शतक लगाकर इतिहास रचा था। लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने का उनका सफ़र बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें 12 साल की उम्र में घर छोड़ने से लेकर कई रातें भूखे सोने तक का संघर्ष शामिल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईशान ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हर बार दमदार प्रदर्शन के साथ वापसी की है।

बिहार की राजधानी पटना में 18 जुलाई, 1998 को जन्मे ईशान को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। उनके पिता प्रणव कुमार पांडे ने 2005 में उनके बड़े भाई के सेलेक्शन के लिए कोच उत्तम मजूमदार से संपर्क किया था। बड़े भाई का तो चयन नहीं हुआ, लेकिन कोच ने नन्हे ईशान की प्रतिभा को पहचान लिया और उनके पिता से कहा कि वे किसी भी हाल में उसका क्रिकेट न छुड़वाएँ।

कम उम्र में घर छोड़ा, देखे मुश्किल दिन

बिहार में क्रिकेट के बेहतर अवसर न होने के कारण कोच ने ईशान को झारखंड से खेलने की सलाह दी। माँ के विरोध के बावजूद, ईशान की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। महज़ 12 साल की उम्र में वह रांची चले गए, जहाँ उनका चयन स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) की टीम में हुआ। वहाँ उन्हें चार सीनियर खिलाड़ियों के साथ एक क्वार्टर में रहना पड़ा। खाना बनाना न आने के कारण वह बर्तन धोते थे, और कई बार सीनियर्स के बाहर होने पर उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ा। जब परिवार को इसका पता चला, तो उन्होंने रांची में ही किराए का मकान ले लिया।

करियर के अहम पड़ाव और रिकॉर्ड

घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण: सिर्फ़ 15 साल की उम्र में ईशान ने झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफ़ी में डेब्यू किया। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली। 2021 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और अपने पहले ही मैच में 32 गेंदों पर 56 रनों की शानदार पारी खेली।

सबसे तेज़ दोहरा शतक: साल 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ़ उन्होंने सिर्फ़ 126 गेंदों में दोहरा शतक जड़ा, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज़ दोहरा शतक है।

आंकड़ों में प्रदर्शन: ईशान ने भारत के लिए 31 वनडे में 1093 रन, 52 टी20 में 1463 रन और 2 टेस्ट मैचों में 78 रन बनाए हैं।

विवादों से वापसी और कप्तानी में सफलता

शानदार प्रदर्शन के बाद मानसिक थकान का हवाला देकर ईशान ने क्रिकेट से ब्रेक ले लिया और घरेलू क्रिकेट से भी दूर रहे, जिसके चलते BCCI ने उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में ज़ोरदार वापसी की। अपनी कप्तानी में उन्होंने झारखंड को सैयद मुश्ताक अली का खिताब भी जिताया, जिसने भारतीय टीम में उनकी वापसी का रास्ता साफ़ किया। वापसी के बाद उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से टीम में जगह पक्की की और 2026 टी20 विश्व कप विजेता टीम में अहम भूमिका निभाई।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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