श्रीनगर को मिली 30 करोड़ की सौगात: ओलंपिक साइज़ स्विमिंग पूल और मॉडर्न जिम्नास्टिक हॉल का उद्घाटन
कश्मीर के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सौगात में, श्रीनगर को 30.35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई अत्याधुनिक खेल सुविधाओं का तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को गिंडुन राजबाग…
कश्मीर के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सौगात में, श्रीनगर को 30.35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई अत्याधुनिक खेल सुविधाओं का तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को गिंडुन राजबाग स्थित शेर-ए-कश्मीर मल्टी स्पोर्ट्स एक्टिविटी सेंटर में इस पैकेज का उद्घाटन किया, जिसका मकसद तैराकी और जिम्नास्टिक जैसे खेलों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल का सबसे बड़ा आकर्षण कश्मीर का पहला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा, "इस सुविधा के जरिए हम छात्रों को खेलों का एक नया माहौल देने की कोशिश कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, कश्मीर में पहली बार ओलंपिक-साइज़ का स्विमिंग पूल बना है।" उन्होंने यह भी बताया कि सोलर एनर्जी से चलने वाले हीटिंग सिस्टम की मदद से बच्चे अब साल के 12 महीने अभ्यास कर सकेंगे।
साल भर ट्रेनिंग, नई प्रतिभाओं को मौका
इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक खेलों से आगे बढ़कर तैराकी और जिम्नास्टिक जैसे खेलों में भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है। इस पैकेज में तीन प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं:
1. ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल: 19.96 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पूल में 50×25 मीटर की 10 प्रतियोगिता लेन, डाइविंग प्लेटफॉर्म और 300 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसमें आधुनिक फिल्ट्रेशन और डिसइंफेक्शन सिस्टम भी मौजूद है।
2. ऑल-वेदर ट्रेनिंग पूल: 5.35 करोड़ रुपये की लागत वाला यह पूल सर्दियों में भी ट्रेनिंग जारी रखने के लिए बनाया गया है। इसमें इनडोर लैप पूल और बच्चों के लिए एक टॉडलर पूल भी शामिल है।
3. इनडोर जिम्नास्टिक हॉल: मुख्यमंत्री ने बताया कि कश्मीर के बच्चों में जिम्नास्टिक को लेकर काफी दिलचस्पी है, लेकिन सही सुविधाओं की कमी थी। अब 5.04 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हॉल में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे नई प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा।
जिम्नास्टिक अकादमी की तैयारी
यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर न सिर्फ जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाएगा, बल्कि युवा एथलीटों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार भी देगा। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल यहां कोचिंग कैंप आयोजित करने के साथ-साथ एक विशेष जिम्नास्टिक अकादमी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
इनपुट: IANS


