जन्मदिन पर स्वर्णिम तोहफा: लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, जापान को बताया 'लकी'
भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को एक शानदार गोल्ड मेडल जीतकर यादगार बना दिया है। शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 के 75 किग्रा फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की जियाई बाओ…
भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को एक शानदार गोल्ड मेडल जीतकर यादगार बना दिया है। शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 के 75 किग्रा फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की जियाई बाओ को एकतरफा मात दी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लवलीना ने यह मुकाबला 5-0 के सर्वसम्मत स्कोर से अपने नाम किया।
इस जीत के साथ ही लवलीना, दिग्गज मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। जीत के बाद उन्होंने कहा, "मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि मुझे अपने जन्मदिन पर खुद को गोल्ड मेडल गिफ्ट करना चाहिए। हार के बारे में एक सेकंड के लिए भी नहीं सोचा।"
जापान में एक और यादगार जीत
लवलीना ने जापान को अपने लिए बेहद भाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा, "जापान मेरे लिए बहुत लकी है। मैं हर समय यही सोच रही थी। यह मेरा जन्मदिन था, और मैंने फाइट जीत ली।" गौरतलब है कि लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी कांस्य पदक जीता था, जो जापान में ही आयोजित हुआ था।
यह लवलीना का दूसरा एशियन गेम्स मेडल है। इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।
'हारना नहीं था, चाहे कुछ भी हो जाए'
मुकाबला आसान नहीं था, खासकर आखिरी राउंड में चीनी मुक्केबाज ने कड़ी टक्कर दी। लवलीना ने बताया, "आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। विरोधी बहुत मजबूत थी। मैं उसके साथ पहली बार खेल रही थी। इसलिए मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि वह कैसे खेलेगी। मैं खुद को मोटिवेट कर रही थी कि मुझे जीतना है। मैं हारना नहीं चाहती, चाहे कुछ भी हो जाए।"
उन्होंने आगे कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद यह गोल्ड मेडल उनके लिए बहुत जरूरी था। बकौल लवलीना, "एक एथलीट की जिंदगी में बहुत सी चीजें होती हैं—हार और चोटें, जिन्हें हमें संभालना होता है और आगे बढ़ना होता है। यह गोल्ड मेडल मेरे लिए बहुत जरूरी था।"
इनपुट: IANS


