वेस्टइंडीज़ से हार के बाद संजू सैमसन ने बताया मैच का टर्निंग पॉइंट, बोले- 'जीतने वाली टीम में होना चाहता था'
हैदराबाद में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 24 रनों से मिली हार के बाद भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपनी निराशा ज़ाहिर की है। तूफानी अर्धशतक जड़ने के बावजूद टीम को जीत न दिला…
हैदराबाद में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 24 रनों से मिली हार के बाद भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपनी निराशा ज़ाहिर की है। तूफानी अर्धशतक जड़ने के बावजूद टीम को जीत न दिला पाने से निराश सैमसन ने कहा कि वह जीतने वाली टीम का हिस्सा होना पसंद करते। उन्होंने मैच के उस एक पल को भी रेखांकित किया, जहाँ से भारत की पकड़ ढीली पड़ गई।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सैमसन ने मैच के बाद कहा, "मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम आसानी से जीत की तरफ बढ़ रहे थे।" 248 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने एक समय 12वें ओवर में 130 रन पर 5 विकेट खो दिए थे। इसके बाद तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने पारी को संभाला। जब तिलक आउट हुए, तब भारत को जीत के लिए 19 गेंदों पर 48 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन टीम 223 रन ही बना सकी।
शानदार पारी पर भारी पड़ी हार
सैमसन ने खुद पारी की शुरुआत करते हुए महज़ 23 गेंदों पर 56 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर भारत को एक मज़बूत शुरुआत दी थी। अपनी पारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "जब आप हारने वाली टीम में होते हैं तो आप जो भी करते हैं, वह बहुत अलग लगता है, इसलिए मैं इस समय थोड़ा निराश हूं। मैंने सच में उस पारी का मजा लिया, लेकिन मैं जीतने वाली टीम में होना पसंद करता।"
बुमराह की जगह लेना मुश्किल
जब जसप्रीत बुमराह की कमी को लेकर सवाल किया गया, तो सैमसन ने उन्हें 'एक पीढ़ी में एक बार आने वाला गेंदबाज़' बताया। उन्होंने कहा, "जसप्रीत बुमराह का कोई रिप्लेसमेंट नहीं है। हम बहुत लकी हैं कि वह हमारे पास हैं।" हालांकि, उन्होंने अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव जैसे युवा गेंदबाज़ों की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें जितना ज़्यादा मौका और समर्थन मिलेगा, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।
इनपुट: IANS


