लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत महिला क्रिकेट को हमेशा के लिए बदल देगी: पूर्व भारतीय गेंदबाज़ निरंजना नागराजन
भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन का मानना है कि लॉर्ड्स में इंग्लैंड पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ है। उनका कहना है कि इस…
भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन का मानना है कि लॉर्ड्स में इंग्लैंड पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ है। उनका कहना है कि इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम ने अपनी कड़ी मेहनत से जो पहचान बनाई है, वह उसकी पूरी हकदार है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक खास बातचीत में उन्होंने इस जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे बेहतरीन पलों में से एक बताया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 13 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रनों के विशाल अंतर से हराया। यह महिला टेस्ट क्रिकेट में भारत की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी और कुल मिलाकर चौथी सबसे बड़ी जीत है। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 186 रनों पर सिमट गई थी।
शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन
इस यादगार जीत में कई खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन किया। विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 113 रनों की पारी खेलकर लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, क्रांति गौड़ ने पांच विकेट चटकाकर प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया। निरंजना ने कहा, "क्रांति का पांच विकेट लेना और हरमनप्रीत का डेब्यू से ही उन पर भरोसा दिखाना शानदार था।" उन्होंने दूसरी पारी में चार विकेट लेने वाली ऑलराउंडर स्नेह राणा की भी अहम भूमिका को सराहा।
टीम की एकजुटता और भविष्य
निरंजना ने इस जीत को पूरी टीम की मिली-जुली कोशिश का नतीजा बताया। उन्होंने पहली पारी में कप्तान हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना की शानदार पारियों का भी ज़िक्र किया। उनके मुताबिक, "एक टीम के तौर पर हम दिन-ब-दिन बेहतर हो रहे हैं। खिलाड़ी एक-दूसरे के अच्छे प्रदर्शन से खुश हैं।" निरंजना का मानना है कि इस जीत का सीधा और सकारात्मक असर भारत के घरेलू महिला क्रिकेट पर भी पड़ेगा, जिससे प्रतिस्पर्धा और खेल का स्तर दोनों बेहतर होगा।
भारत के लिए दो टेस्ट, 22 वनडे और 14 T20I खेल चुकीं निरंजना ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब महिला क्रिकेट में भी तीन या पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "असली हुनर तो लाल गेंद के फॉर्मेट में ही परखा जाता है। लड़कियों ने साबित किया है कि वे चार दिन तक खेलने में सक्षम हैं।" उन्होंने यह भी माना कि वनडे और टेस्ट में भारतीय टीम को हराना अब मुश्किल है और वह दुनिया में कहीं भी favorites के तौर पर उतरती है, हालांकि T20 में अभी सुधार की गुंजाइश है।
इनपुट: IANS


