डोपिंग पर भारत का 'ज़ीरो टॉलरेंस': खेल मंत्री ने एंटी-डोपिंग रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नई पॉलिसी लॉन्च की
खेलों में डोपिंग के खिलाफ भारत ने अपनी 'ज़ीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) नीति को और मज़बूत करते हुए एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को नई दिल्ली…
खेलों में डोपिंग के खिलाफ भारत ने अपनी 'ज़ीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) नीति को और मज़बूत करते हुए एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को नई दिल्ली में नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) की 'एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी' लॉन्च की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य डोपिंग का पता लगाने और उसे रोकने के लिए अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना है।
यह लॉन्च 'वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ एंटी-डोपिंग साइंटिस्ट्स' (WAADS) की 10वीं 'क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर मीटिंग 2026' के दौरान हुआ। NDTL द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में खेल और विज्ञान जगत के कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए। इस मौके पर डॉ. मांडविया ने NDTL का न्यूज़लेटर भी जारी किया।
साफ़-सुथरे खेल पर ज़ोर
केंद्रीय खेल मंत्री ने साफ़-सुथरे खेल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, "दोस्तों, डोपिंग के मामले में भारत की नीति 'ज़ीरो टॉलरेंस' की है। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर जीत प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की जाए।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में खेलों को राष्ट्र-निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया है।
नई नीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "आज हमने महत्वपूर्ण 'एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी' लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य डोपिंग का पता लगाने और उसे रोकने के उन्नत क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल हमारे एंटी-डोपिंग प्रयासों के वैज्ञानिक आधार को और मजबूत करेगी।"
भविष्य की बड़ी खेल स्पर्धाओं पर नज़र
डॉ. मांडविया ने बताया कि भारत का दृष्टिकोण मजबूत परीक्षण सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, जागरूकता और रोकथाम को जोड़ना है। उन्होंने कहा, "जैसा कि भारत राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना भी देख रहा है ऐसे में, एंटी-डोपिंग परीक्षण, खिलाड़ी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हमारे लिए प्राथमिकता है।"
खेल मंत्री ने हालिया एशियन गेम्स और पैरा गेम्स में भारतीय एथलीटों के शानदार प्रदर्शन का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, "खेलो इंडिया, फिट इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसे पहल के माध्यम से, हमने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है। हाल ही में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में, हमारे खिलाड़ियों ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक दिया और अंतिम पदक तालिका में हम चौथे स्थान पर रहे।"
इनपुट: IANS


