यशस्वी जायसवाल विवाद: संजय मांजरेकर ने ICC और BCCI को चेताया, कहा- 'नरमी से बिगड़ेगी बात'
भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों के मैदान पर आक्रामक व्यवहार को लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नरम रवैये पर सवाल उठाए हैं…
भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों के मैदान पर आक्रामक व्यवहार को लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नरम रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी से जुड़े हालिया विवादों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं को हल्के में लेने से खिलाड़ी इस तरह का बर्ताव दोहराने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जो खेल और खुद उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मांजरेकर की यह तीखी प्रतिक्रिया श्रीलंका में भारत 'ए' और श्रीलंका 'ए' के बीच दूसरे टेस्ट के दौरान यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई झड़प पर आईसीसी द्वारा लगाए गए जुर्माने के बाद आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "प्रिय आईसीसी और बीसीसीआई हाल ही में इंडिया ए के लिए वैभव और अब जायसवाल... अगर आप उन्हें ऐसे व्यवहार के लिए बच निकलने देते हैं, तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए तैयार कर रहे हैं।"
क्या था जायसवाल-फर्नांडो विवाद?
कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में जायसवाल को आउट करने के बाद फर्नांडो ने आक्रामक जश्न मनाया और भारतीय बल्लेबाज से कुछ कहा। इसके बाद पवेलियन लौट रहे यशस्वी पलटकर आए और अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर से टकरा दिया। मामला बढ़ता देख श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को बीच-बचाव करना पड़ा था। इस घटना के लिए आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया था।
यशस्वी ने दी थी अपनी सफाई
इस घटना की आलोचना के बाद यशस्वी जायसवाल ने कमेंटेटर हर्षा भोगले के एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कमेंट में लिखा, "अगर आपको नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा, तो कृपया कोई राय न बनाएं। अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उन्हें यह बताना होगा कि यह भारत लड़ेगा और जवाब देगा।"
मांजरेकर पहले भी उठा चुके हैं आवाज
यह पहली बार नहीं है जब मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों के व्यवहार पर चिंता जताई है। उन्होंने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के मामले का भी जिक्र किया, जो एक मैच के बाद श्रीलंका 'ए' के खिलाड़ी विशन हलाम्बेज से भिड़ गए थे। मांजरेकर ने उस वक्त भी कहा था कि अगर वह टीम प्रबंधन में होते तो कड़ा संदेश देने के लिए सूर्यवंशी को अगले मैच से बाहर कर देते।
इनपुट: IANS


