249 रन भी कम पड़े: हार के बाद गेंदबाज़ों के हक में बोले कोच गंभीर, मयंक यादव को सराहा
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे T20 मैच में 249 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद मिली हार ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच एक…
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे T20 मैच में 249 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद मिली हार ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच एक बराबरी की प्रतिस्पर्धा की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि किसी भी हार को हल्के में नहीं लिया जा सकता। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर ने मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी साफ किया कि वर्ल्ड चैंपियन होने के नाते उनकी टीम लगातार सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शुक्रवार को हुए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। गंभीर ने माना कि ओस से भरी सपाट पिच पर गेंदबाज़ों के लिए हालात बेहद मुश्किल थे, लेकिन उन्होंने इसका कोई बहाना बनाने के बजाय हल निकालने की बात कही।
हार के बावजूद सकारात्मक सोच
गंभीर ने जीत का श्रेय विपक्षी टीम को देते हुए कहा, "वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय जाता है। उन्होंने पहले ओवर में दो और पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद शाई होप और शेरफेन ने वर्ल्ड-क्लास बल्लेबाज़ी की।" उन्होंने टीम के रवैये पर जोर देते हुए कहा, "आप किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते। अगर आप सुधार करते रहना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहते।"
गेंदबाज़ों के लिए बेहतर संतुलन की मांग
कोच गंभीर ने क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "हालात ऐसे होने चाहिए कि बॉलर्स को बैटर्स के रहमोकरम पर छोड़ने के बजाय मुकाबला करने का सही मौका मिले।" उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बराबरी का मुकाबला ही क्रिकेट को बेहतर बनाएगा, क्योंकि इन गेंदबाज़ों ने भी भारतीय ड्रेसिंग रूम तक पहुँचने के लिए बहुत मेहनत की है और उनका करियर दांव पर है।
युवा मयंक यादव की जमकर तारीफ
इस हार के बीच भी युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपने प्रदर्शन से कोच को प्रभावित किया। मयंक ने 3 ओवर में 36 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए। उनकी तारीफ करते हुए गंभीर ने कहा, "वह एक तेज गेंदबाज है, उसे तेज ही गेंद डालनी चाहिए। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो करें। जब आप तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। उसने आज वही किया और सफलता पाई।"
इनपुट: IANS


