मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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एशियन गेम्स से पहले आत्मविश्वास से भरपूर सात्विक-चिराग, चीन मास्टर्स की जीत बनी टर्निंग पॉइंट

भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हाल ही में चीन मास्टर्स का खिताब जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज़ हैं। एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले मिली यह…

एशियन गेम्स से पहले आत्मविश्वास से भरपूर सात्विक-चिराग, चीन मास्टर्स की जीत बनी टर्निंग पॉइंट
(फोटो: IANS)

भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हाल ही में चीन मास्टर्स का खिताब जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज़ हैं। एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले मिली यह महत्वपूर्ण जीत उनके लिए एक बड़ा बूस्ट है। मौजूदा चैंपियन होने के बावजूद, इस जोड़ी का कहना है कि वे किसी भी तरह के अतिरिक्त दबाव में नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने पर है।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस भारतीय जोड़ी ने चीन मास्टर्स के फाइनल में स्थानीय दावेदार हे और रेन को 70 मिनट तक चले एक कड़े मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर जीत दर्ज की थी। यह खिताब उनके करियर का 10वां बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल था और यह जोड़ी 2005 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी भी बन गई।

वर्ल्ड चैंपियनशिप की गलतियों से सीखा सबक

चिराग शेट्टी ने बताया कि पिछले महीने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में मिली हार के बाद उन्हें अपनी कमियों को समझने और सुधारने का मौका मिला। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद हम काफी बेहतर हुए हैं। हमें समय मिला और हमने खुद को उसके हिसाब से ढाला।" चिराग के मुताबिक, चीन मास्टर्स में लगातार पाँच मैच खेलने से, जिनमें से ज़्यादातर तीन गेम तक चले, उनकी शारीरिक क्षमता को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होंने अपनी सीख को स्पष्ट करते हुए कहा, "वर्ल्ड चैंपियनशिप से हमने जो मुख्य बातें सीखीं, उनमें से एक है अटैक करते समय धैर्य रखना और अपने डिफेंस पर भरोसा करना। चाइना मास्टर्स में हमने यह काम काफी अच्छे से किया।"

रणनीति और मानसिक दृढ़ता बनी जीत की कुंजी

इस जोड़ी ने चीन मास्टर्स में अलग-अलग शैली के विरोधियों का सामना किया, जिसके लिए उन्होंने हर मैच के हिसाब से अपनी रणनीति में बदलाव किया। चिराग ने बताया कि उन्होंने हर मैच से पहले बैठकर विश्लेषण किया कि क्या करना है। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड चैंपियनशिप में हमारी जो भी कमियां थीं, उन्हें हम चीन मास्टर्स में काफी हद तक दूर करने और सुधारने में कामयाब रहे।"

वहीं, सात्विकसाईराज का मानना है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप ने यह साबित कर दिया कि वे शारीरिक रूप से 100% फिट न होने पर भी उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "भले ही मैं शत प्रतिशत ताकत से स्मैश नहीं कर पा रहा था, फिर भी हम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और टॉप खिलाड़ियों के खिलाफ खेले। इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला।" अब यह जोड़ी एशियन गेम्स से पहले मिले 10 दिनों के ब्रेक का पूरा उपयोग अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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