शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अन्य खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पेरिस की निराशा भुलाकर नए पदक पर मीराबाई चानू की नज़र

ओलिंपिक में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक नई चुनौती के लिए तैयार हैं। पेरिस 2024 ओलिंपिक में पदक से चूकने की निराशा को…

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पेरिस की निराशा भुलाकर नए पदक पर मीराबाई चानू की नज़र
(फोटो: IANS)

ओलिंपिक में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक नई चुनौती के लिए तैयार हैं। पेरिस 2024 ओलिंपिक में पदक से चूकने की निराशा को पीछे छोड़कर, वह अपनी नज़र अगले बड़े पदक पर जमा चुकी हैं और देश की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा कर रही हैं।

समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में चानू ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा से भारत के लिए पदक का एक मज़बूत स्रोत रहा है और इस बार भी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "इस बार वेटलिफ्टिंग में ज्यादा पदक आने की उम्मीदें हैं। हम सभी बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है।"

शानदार रिकॉर्ड और नई चुनौती

मीराबाई चानू के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा से एक सफल मंच रहा है। उन्होंने 2014 में ग्लासगो में अपने डेब्यू पर रजत पदक जीता था। इसके बाद, 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम, दोनों ही खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह शानदार प्रदर्शन उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत की सबसे सफल वेटलिफ्टरों में से एक बनाता है।

हालांकि, इस बार के आयोजन को लेकर उन्होंने एक चिंता भी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा, "एक बुरी बात यह है कि एथलीटों की संख्या कम है। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है।" फिर भी, उन्होंने विश्वास दिलाया, "लेकिन जो भी हिस्सा लेने आए हैं, सभी देश के लिए अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।"

पेरिस की चोट और आगे का रास्ता

चानू ने पेरिस ओलिंपिक के अपने अनुभव पर भी बात की, जहाँ वह 49 किग्रा वर्ग में मामूली अंतर से पदक से चूक गई थीं। उन्होंने बताया कि चोट के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई थी। उन्होंने याद करते हुए कहा, "ओलिंपिक की तैयारी के दौरान, मैं भारी ट्रेनिंग का बोझ नहीं झेल पा रही थी। मेरी चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी, इसलिए मैं अपना पूरा जोर नहीं लगा पा रही थी।"

मीराबाई ने टोक्यो ओलिंपिक में रजत पदक जीतकर वेटलिफ्टिंग में भारत का 21 साल का लंबा इंतजार खत्म किया था। अब वह पूरी तरह से कॉमनवेल्थ गेम्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, "हम पदक जीतेंगे या नहीं, यह तो इवेंट वाले दिन ही पता चलेगा, लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे। मैं भी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।"

इनपुट: IANS

N

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से खेल जगत से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →