एशियन गेम्स 2026: भारतीय मिक्स्ड रिले टीम ने जीता सिल्वर, विथ्या ने अपनी जुड़वां बहन को समर्पित किया मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारत की 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। बहरीन ने इस स्पर्धा में गेम्स-रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि वियतनाम को कांस्य…
एशियन गेम्स 2026 में भारत की 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। बहरीन ने इस स्पर्धा में गेम्स-रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि वियतनाम को कांस्य पदक मिला। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह लगातार तीसरा एशियन गेम्स है जब भारत ने इस इवेंट में पोडियम पर जगह बनाई है। इससे पहले 2018 में गोल्ड और 2023 में टीम ने सिल्वर मेडल जीता था।
नागोया में हुए इस मुकाबले में मचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और थेक्किनालिल मनु की भारतीय चौकड़ी ने 3:14.46 का समय निकाला। गोल्ड जीतने वाली बहरीन की टीम ने रेस 3:12.87 में पूरी की, वहीं वियतनाम की टीम 3:14.54 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रही। भारत ने वियतनाम को महज 0.08 सेकंड के करीबी अंतर से पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया।
विथ्या ने बदला मेडल का रंग, बहन को किया याद
टीम की अहम सदस्य विथ्या रामराज के लिए यह मेडल बेहद खास रहा, जिसे उन्होंने अपनी जुड़वां बहन नित्या रामराज को समर्पित किया। नित्या खुद भी एक एथलीट हैं और पिछले एशियन गेम्स में विथ्या के साथ थीं, लेकिन इस बार क्वालीफाई नहीं कर सकीं। विथ्या ने कहा, "पिछले एशियन गेम्स में मेरी जुड़वां बहन मेरे साथ थी, इसलिए इस बार मुझे उनकी बहुत याद आ रही थी, इसलिए मैंने अपना मेडल उन्हें समर्पित किया।"
पिछले एशियन गेम्स में तीन मेडल जीतने वाली विथ्या इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार के इरादे से उतरी थीं। उन्होंने IANS से कहा, "पिछले एशियन गेम्स में मैंने तीन मेडल जीते थे, इसलिए इस बार मैंने अपने मेडल का रंग बदलने की कोशिश की, बस यही बात थी।"
कोच की रणनीति और टीम का जज़्बा
विथ्या ने अपनी सफलता का श्रेय कोच भनोट सर को दिया। उन्होंने बताया कि रेस के दौरान उनका पूरा ध्यान कोच के निर्देशों पर था। उन्होंने कहा, "मैं बस अपने कोच का चेहरा देख रही थी; मुझे कोई प्रतिद्वंद्वी या कुछ और नहीं दिख रहा था... मैंने फिनिश लाइन तक पूरी जान लगा दी, बस यही किया।"
वहीं, टीम के सदस्य थेक्किनालिल मनु साजी ने अपने पहले एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे यह टीम मिली। एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे बहुत गर्व है। यह मेरा पहला एशियन गेम्स है।" मनु ने टीम के साथियों को श्रेय देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा टीम को मजबूत शुरुआत देना होता है।
विथ्या ने अंत में एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, टॉप्स, साई, अपनी राज्य सरकार और इंडियन रेलवेज के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
इनपुट: IANS


