गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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खेलो इंडिया: क्या केंद्र की नई स्कीम से जालंधर के खेल उद्योग में आएगी नई जान?

केंद्र सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'खelo India' पहल के तहत एक नई स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है, जिससे जालंधर के प्रसिद्ध खेल उपकरण उद्योग में एक नई ऊर्जा आने की उम्मीद है…

खेलो इंडिया: क्या केंद्र की नई स्कीम से जालंधर के खेल उद्योग में आएगी नई जान?
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'खelo India' पहल के तहत एक नई स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है, जिससे जालंधर के प्रसिद्ध खेल उपकरण उद्योग में एक नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक चलेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

जालंधर, जो दुनियाभर में खेल के सामान बनाने का एक बड़ा केंद्र है, इस योजना से काफी उम्मीदें लगाए बैठा है। यहाँ के उद्योग से हज़ारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि अगर यह योजना ज़मीनी स्तर पर सही ढंग से लागू होती है, तो यह पूरे उद्योग के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है।

स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को कितनी उम्मीद?

इस योजना को लेकर स्थानीय व्यापारियों में उत्साह है। एक व्यापारी ने IANS से कहा, "बहुत खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी इस तरफ ध्यान दे रहे हैं। खेलों को लेकर उनका विजन अच्छा है। 'खेलो इंडिया' के तहत 1,800 करोड़ से ऊपर का बजट पास किया गया है।" उनका मानना है कि अब यह राज्यों पर निर्भर करेगा कि वे इस फंड का उपयोग कैसे करते हैं, लेकिन जालंधर को इसका लाभ ज़रूर मिलेगा। एक अन्य व्यापारी ने कहा, "हम भी चाहते हैं कि सारा इंडिया खेले और लोग नशे से दूर रहें और छोटे व्यापारियों को फायदा हो।"

इस योजना का लाभ सिर्फ़ कारखानों तक सीमित नहीं रहेगा। एक व्यापारी के अनुसार, "खेल इंडस्ट्री से गांव-गांव की महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं। उन्हें भी फायदा होगा।" छोटे-छोटे घरों में मैन्युफैक्चरिंग का काम पहुंचने से परिवारों को स्थानीय स्तर पर ही रोज़गार मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।

चुनौतियों के बीच राहत की किरण

पिछले कुछ समय से जालंधर का खेल उद्योग कई मुश्किलों से जूझ रहा है। GST, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और ऑर्डर में कमी जैसी समस्याओं ने कारोबार को प्रभावित किया है। ऐसे में एक युवा व्यापारी ने कहा, "मोदी सरकार ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की योजना से इंडस्ट्री को निश्चित रूप से फायदा होगा।" उनका मानना है कि यह प्रोत्साहन इस क्षेत्र के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है और हजारों लोगों को लाभ पहुंचा सकता है।

पुरानी मांगें अब भी अधूरी

हालांकि केंद्र की इस नई योजना का स्वागत हो रहा है, लेकिन स्थानीय उद्योग की कुछ पुरानी मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं। एक व्यापारी ने बताया, "लंबे समय से हम जालंधर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर की मांग कर रहे हैं। वह अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।" इसके अलावा, पंजाब की वर्तमान सरकार द्वारा जालंधर में खेल विश्वविद्यालय खोलने का वादा भी अभी तक अधूरा है, जबकि सरकार का कार्यकाल भी पूरा होने वाला है। अब देखना यह होगा कि केंद्र की यह नई पहल ज़मीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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