IPL 2026 की तैयारी: मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को परफॉर्मेंस डायरेक्टर बनाया
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पिछले सीज़न के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने प्रबंधन में एक बड़ा फेरबदल किया है। फ्रेंचाइजी ने शनिवार को मुंबई के पूर्व…
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पिछले सीज़न के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने प्रबंधन में एक बड़ा फेरबदल किया है। फ्रेंचाइजी ने शनिवार को मुंबई के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को अपने ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' के पद पर नियुक्त किया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस नियुक्ति को IPL 2026 से पहले टीम के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
भरूचा मुंबई इंडियंस में परफॉर्मेंस से जुड़े सभी पहलुओं की देखरेख करेंगे और मौजूदा लीडरशिप ग्रुप के साथ मिलकर काम करेंगे। MI ने अपने एक बयान में कहा, "जुबिन एमआई के बेहद एकीकृत इकोसिस्टम में मौजूदा सपोर्ट स्टाफ के साथ जुड़ेंगे और खिलाड़ियों के विकास में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने के मुंबई इंडियंस के स्थापित तरीके को और आगे बढ़ाएंगे।"
जुबिन भरूचा का अनुभव और पिछली भूमिकाएं
इस नई जिम्मेदारी से पहले जुबिन भरूचा राजस्थान रॉयल्स में 'डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस' के तौर पर काम कर रहे थे, जहां उन्होंने नवंबर 2022 से IPL 2025 के बाद टीम छोड़ने तक यह पद संभाला। उनका राजस्थान रॉयल्स के साथ एक लंबा जुड़ाव रहा है, जो 2008 में IPL के पहले सीजन से ही शुरू हो गया था। उन्होंने 2015 तक टीम के डायरेक्टर के रूप में भी काम किया। इसके अलावा, वह 2016-17 में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए तकनीकी डायरेक्टर भी रह चुके हैं।
युवा प्रतिभाओं को निखारने में महारत
कोचिंग में आने से पहले, दाएं हाथ के बल्लेबाज भरूचा ने 90 के दशक में मुंबई और सरे के लिए 17 फर्स्ट-क्लास और 11 लिस्ट-ए मैच खेले थे। राजस्थान रॉयल्स के तलेगांव स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में उन्होंने संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल जैसे कई स्टार खिलाड़ियों के करियर को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
IANS के एक सूत्र ने बताया कि MI में भरूचा की भूमिका काफी व्यापक होगी। उनका मुख्य ध्यान मुंबई इंडियंस की स्काउटिंग प्रक्रिया और पुरुष व महिला दोनों टीमों के लिए साल भर चलने वाले खिलाड़ी विकास कार्यक्रमों को बेहतर बनाने पर होगा। वह टीम के मौजूदा टैलेंट स्काउटिंग नेटवर्क का विस्तार और उसे मजबूत करने का काम भी करेंगे।
इनपुट: IANS


