अग्निवीर से एशियन गेम्स तक: रोइंग में चमक रहे भारतीय सेना के जवान नितिन कुमार
भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए एक युवा ने सिर्फ़ सेना में सेवा का जज़्बा ही नहीं दिखाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी देश का नाम रोशन किया है। हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले…
भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए एक युवा ने सिर्फ़ सेना में सेवा का जज़्बा ही नहीं दिखाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी देश का नाम रोशन किया है। हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 19 वर्षीय नितिन कुमार ने महज़ एक साल के भीतर भारतीय सेना के एक ट्रेनी से लेकर एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले रोवर तक का शानदार सफ़र तय किया है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नितिन 2023 में अग्निवीर के तौर पर सेना में शामिल हुए थे। दिल्ली के एक रेजिमेंटल सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान ही उनकी रोइंग की असाधारण प्रतिभा को पहचाना गया। भारतीय सेना ने इस युवा खिलाड़ी की क्षमता को समझा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका दिया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
सेना के विशेष स्पोर्ट्स नोड्स में मिले प्रशिक्षण ने नितिन को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए ज़रूरी कौशल और फिटनेस हासिल करने में मदद की। इसका नतीजा जल्द ही सामने आया जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। नितिन ने बेल्जियम में 2026 में हुई वर्ल्ड रोइंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। इसके बाद, उन्होंने जापान में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में भी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ वे अपने साथी जसविंदर सिंह के साथ कॉन्टिनेंटल इवेंट में सातवें स्थान पर रहे।
नितिन का घरेलू प्रदर्शन भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2025 में हुए पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसी साल उन्होंने 42वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी अपने नाम किया। अगले ही साल, 2026 में, उन्होंने 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के शीर्ष रोइंग खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की कर ली।
सेना के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम का प्रमाण
नितिन कुमार की यह यात्रा भारतीय सेना के उस बेहतरीन स्पोर्टिंग इकोसिस्टम का एक सटीक उदाहरण है, जो प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान कर उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मदद करता है। यह दिखाता है कि कैसे प्रशिक्षण, अनुशासन और सही अवसर मिलने पर एक युवा देश सेवा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।
इनपुट: IANS


