2036 ओलंपिक की मेज़बानी: भारत की दावेदारी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, पी. टी. उषा ने जताया गर्व
भारत के 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेज़बानी करने के सपने ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) ने भारत की दावेदारी और उसके दृष्टिकोण को मान्यता दी है, जिससे भारत उन…
भारत के 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेज़बानी करने के सपने ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) ने भारत की दावेदारी और उसके दृष्टिकोण को मान्यता दी है, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जो भविष्य में इन खेलों की मेज़बानी कर सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घोषणा का भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने स्वागत किया है।
यह दावेदारी मुख्य रूप से गुजरात के अहमदाबाद शहर पर केंद्रित है, जिसे 'एक साथ उठना' (Rising Together) की थीम पर तैयार किया जा रहा है। IOA का मानना है कि इन खेलों का आयोजन सिर्फ़ एक बड़ा खेल इवेंट नहीं, बल्कि यह भारत में खेल संस्कृति में व्यापक बदलाव लाने का एक ज़रिया बनेगा।
खेल से सामाजिक बदलाव का लक्ष्य
इस दावेदारी के पीछे भारत का विज़न खेल के माध्यम से बड़े सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक, इसका उद्देश्य लाखों भारतीय युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना, स्वस्थ और सक्रिय समाज का निर्माण करना, और युवाओं के लिए शिक्षा व रोज़गार के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा, "खेलों को भारत में लाकर, हम खेल में ऐसे बदलाव को तेज कर सकते हैं, जो हमारे समाज के हर हिस्से तक पहुंचे।"
IOA का मानना है कि भारत में ओलंपिक का आयोजन ओलंपिक आंदोलन को दुनिया की सबसे युवा और डिजिटल रूप से जुड़ी आबादी से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। इससे ओलंपिक परिवार में नए एथलीट, दर्शक और भागीदार जुड़ सकते हैं।
"एक साथ आगे बढ़ना सिर्फ़ नारा नहीं": पी. टी. उषा
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि IOC से मिली यह पहचान बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, "हमारे लिए, ‘एक साथ आगे बढ़ना’ सिर्फ एक नारा नहीं है—यह एक साझा ओलंपिक सपने के पीछे भारत की ऊर्जा, लक्ष्य और विविधता को एकजुट करने की एक मजबूत प्रतिबद्धता है।"
उषा ने आगे कहा कि भारत ऐसे खेलों का आयोजन करना चाहता है जो एक युवा और उभरते भारत के आत्मविश्वास को दर्शाएँ। उन्होंने कहा, "अगर हम अपने एथलीटों, अपने लोगों, अपने शहरों और ओलंपिक और पैरालंपिक मूवमेंट के साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं—तो संभावनाएं असीमित हैं।" भारत की दावेदारी का अगला महत्वपूर्ण कदम अक्टूबर के अंत में आएगा, जब वह पहली बार IOC के फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपना विज़न पेश करेगा।
इनपुट: IANS


