भारतीय क्रिकेटर पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय करियर को कहा अलविदा, 2017 वर्ल्ड कप को बताया यादगार
भारत की अनुभवी सलामी बल्लेबाज़ पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक बयान जारी करते हुए 37 वर्षीय पूनम ने…
भारत की अनुभवी सलामी बल्लेबाज़ पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक बयान जारी करते हुए 37 वर्षीय पूनम ने अपने एक दशक से अधिक लंबे करियर पर विराम लगा दिया। वह आखिरी बार 2021 में भारतीय टीम की जर्सी में नज़र आई थीं।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, पूनम ने अपने बयान में कहा, "काफी सोच-विचार के बाद, मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।" उन्होंने क्रिकेट को सिर्फ एक खेल से बढ़कर बताया, जिसने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा और मुश्किलों में डटे रहना सिखाया।
शानदार करियर के आँकड़े
मुंबई की इस खिलाड़ी ने मार्च 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने भारत के लिए कुल 73 वनडे मैच खेले, जिसमें 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 15 अर्धशतक निकले। इसके अलावा, उन्होंने 35 टी20 मुकाबलों में 719 रन और 4 टेस्ट मैचों में 264 रन भी जोड़े। पूनम अपने करियर में तीन वनडे विश्व कप और चार टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।
2017 वर्ल्ड कप: एक मील का पत्थर
पूनम राउत ने 2017 के महिला क्रिकेट विश्व कप को अपने करियर का सबसे अहम पल बताया, जहाँ भारतीय टीम उपविजेता रही थी। उन्होंने कहा, "भले ही हम ट्रॉफी जीतने से चूक गईं, लेकिन उस टूर्नामेंट ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। इसने युवा लड़कियों की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया और हमारे खेल का भविष्य बदल दिया।"
सभी का जताया आभार
अपने विदाई संदेश में पूनम ने बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन और भारतीय रेलवे का धन्यवाद किया, जिसे उन्होंने अपना "दूसरा परिवार" बताया। उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा, "मिताली राज को विशेष धन्यवाद। आपकी कप्तानी में भारत और रेलवे दोनों के लिए खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। आपका नेतृत्व और खेल के प्रति आपका समर्पण हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।" पूनम ने भविष्य में कोचिंग के ज़रिए खेल से जुड़े रहने की इच्छा भी ज़ाहिर की।
इनपुट: IANS


