श्रीलंका क्रिकेट में नई भूमिका: 1996 विश्व कप विजेता हशन तिलकरत्ने बने सीनियर टीम के बैटिंग कोच
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपनी सीनियर पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में एक बड़ा नाम जोड़ा है। 1996 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य और पूर्व कप्तान हशन तिलकरत्ने को टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया…
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपनी सीनियर पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में एक बड़ा नाम जोड़ा है। 1996 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य और पूर्व कप्तान हशन तिलकरत्ने को टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, तिलकरत्ने ने 20 अगस्त को अपनी यह नई जिम्मेदारी संभाल ली है। उनका यह कार्यकाल 31 दिसंबर, 2027 तक चलेगा।
59 वर्षीय तिलकरत्ने राष्ट्रीय टीम के बल्लेबाजों को निखारने का काम करेंगे। श्रीलंका क्रिकेट द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वह कोलंबो स्थित नेशनल हाई परफॉर्मेंस सेंटर (NHPC) में रहेंगे और सीनियर टीम के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे।
कोचिंग का लंबा अनुभव
यह पहला मौका नहीं है जब तिलकरत्ने ने कोचिंग की भूमिका संभाली हो। इससे पहले भी वह श्रीलंका की पुरुष राष्ट्रीय टीम के बैटिंग कोच और श्रीलंका की महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश की महिला राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के तौर पर भी काम किया है, जो उनके कोचिंग अनुभव की विविधता को दर्शाता है।
शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
बाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज का अंतरराष्ट्रीय करियर 1989 से 2004 तक फैला रहा। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के लिए 83 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले। दोनों प्रारूपों को मिलाकर तिलकरत्ने ने 8,334 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी भी की। उनकी सबसे यादगार टेस्ट पारियों में से एक 2001 में भारत के खिलाफ कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में खेली गई नाबाद 136 रनों की पारी थी। खेल से संन्यास के बाद वे राष्ट्रीय चयनकर्ता भी रहे।
इनपुट: IANS


