रणजी ट्रॉफी: मुशीर खान ने दोहराया रवि शास्त्री का 35 साल पुराना रिकॉर्ड, गेंद और बल्ले से मुंबई को दिलाई बड़ी बढ़त
मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने रणजी ट्रॉफी में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो उनसे पहले 21वीं सदी में मुंबई का कोई भी खिलाड़ी नहीं कर सका था। हरियाणा के खिलाफ चल रहे ग्रुप डी मुकाबले में…
मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने रणजी ट्रॉफी में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो उनसे पहले 21वीं सदी में मुंबई का कोई भी खिलाड़ी नहीं कर सका था। हरियाणा के खिलाफ चल रहे ग्रुप डी मुकाबले में उन्होंने न सिर्फ शतक जड़ा, बल्कि एक ही पारी में 6 विकेट भी अपने नाम किए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह उपलब्धि 35 साल बाद मुंबई के किसी खिलाड़ी ने हासिल की है।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 के इस मैच में मुशीर ने पहले बल्ले से अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने 185 गेंदों का सामना करते हुए 109 रनों की शानदार पारी खेली। उनके अलावा अंगकृष रघुवंशी ने भी 114 रन बनाए, जिसकी बदौलत मुंबई ने अपनी पहली पारी में 430 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
गेंद से भी बरपाया कहर
जब हरियाणा की टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो मुशीर खान की फिरकी का जादू सिर चढ़कर बोला। उन्होंने 31 ओवरों में 85 रन देकर 6 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी इस घातक गेंदबाजी के सामने हरियाणा की पूरी टीम 270 रनों पर सिमट गई। इस पारी में तनुष कोटियान ने भी 3 विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया।
एक ही मैच में शतक और 5+ विकेट लेने वाले मुशीर मुंबई के लिए यह कारनामा करने वाले 21वीं सदी के पहले क्रिकेटर बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान और कोच रवि शास्त्री के नाम था, जिन्होंने 1990-91 रणजी सीजन में यह मुकाम हासिल किया था।
मजबूत स्थिति में मुंबई
पहली पारी में 160 रनों की बड़ी बढ़त लेने के बाद मुंबई ने हरियाणा को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया। दूसरी पारी में भी हरियाणा की शुरुआत खराब रही और 73 रन तक टीम ने अपने दो विकेट गंवा दिए, जिसमें से एक विकेट फिर मुशीर खान के खाते में गया। हरियाणा अभी भी मुंबई की पहली पारी की बढ़त से 87 रन पीछे है और मुंबई एक और बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। इस सीजन में मुंबई ने चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश को भी पारी के अंतर से हराया है।
इनपुट: IANS


