रणजी ट्रॉफी 2026-27: रविवार से शुरू हो रहा घरेलू क्रिकेट का महासंग्राम, दिग्गजों के साथ युवा प्रतिभाओं पर रहेगी नज़र
भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट, रणजी ट्रॉफी का 92वां संस्करण रविवार से शुरू होने जा रहा है, जिसमें देश भर की 38 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। इस बार टूर्नामेंट के पहले ही दौर में कई…
भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट, रणजी ट्रॉफी का 92वां संस्करण रविवार से शुरू होने जा रहा है, जिसमें देश भर की 38 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। इस बार टूर्नामेंट के पहले ही दौर में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारे अपनी-अपनी घरेलू टीमों के लिए मैदान में उतरेंगे, जिससे मुकाबलों का रोमांच और बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कई खिलाड़ी बाद में न्यूजीलैंड के रेड-बॉल दौरे के लिए 'इंडिया ए' टीम का हिस्सा बनेंगे।
पहले राउंड में केएल राहुल (कर्नाटक), यशस्वी जायसवाल (मुंबई), रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र), मोहम्मद सिराज (हैदराबाद) और वाशिंगटन सुंदर (तमिलनाडु) जैसे नाम अपनी टीमों को मजबूती देंगे। वहीं, बंगाल के लिए मुकेश कुमार, आकाश दीप और अनुभवी मोहम्मद शमी भी एक्शन में होंगे। पिछले सीज़न में 37 विकेट लेने वाले शमी की वापसी टीम के लिए अहम होगी।
कौन करेगा वापसी, कौन छोड़ेगा छाप?
यह टूर्नामेंट कई खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने या वापसी का दावा पेश करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मुंबई के सरफराज खान और कर्नाटक के करुण नायर जैसे खिलाड़ी दमदार प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचना चाहेंगे। वहीं, मुंबई के आयुष म्हात्रे और झारखंड के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज शिखर मोहन जैसे युवा खिलाड़ी रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने को बेताब होंगे। चयनकर्ताओं की निगाहें विदर्भ के हर्ष दुबे, प्रफुल्ल हिंगे, यश राठौड़ और उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी पर भी टिकी रहेंगी।
नई भूमिका में अनुभवी खिलाड़ी और टीमें
इस सीज़न में कुछ अनुभवी खिलाड़ी मेंटॉर की भूमिका में भी दिखेंगे, जिनमें उमेश यादव (पंजाब), हर्षल पटेल (गुजरात), मनदीप सिंह और हनुमा विहारी (दोनों त्रिपुरा) शामिल हैं। दूसरी ओर, दिल्ली की टीम एक नई शुरुआत करने जा रही है। टीम ने पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज विजय दहिया को मुख्य कोच और विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा को मेंटॉर नियुक्त किया है।
हालांकि, सबकी नजरें जम्मू-कश्मीर पर भी होंगी, जिन्हें ईरानी कप में 'रेस्ट ऑफ इंडिया' से हार मिली थी। पारस डोगरा की कप्तानी वाली टीम श्रीनगर में मध्य प्रदेश के खिलाफ वापसी करने के इरादे से उतरेगी। एक कानूनी विवाद के कारण अरुणाचल प्रदेश का नागालैंड के खिलाफ मैच खटाई में पड़ गया है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है।
इनपुट: IANS


