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एशियन गेम्स: पिता ने ज़मीन बेचकर दिलाई राइफ़ल, अब बेटी सोनम मस्कर देश के लिए जीतना चाहती हैं सोना

कभी शौकिया तौर पर शूटिंग शुरू करने वाली कोल्हापुर की 23 वर्षीय सोनम उत्तम मस्कर अब जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का परचम लहराने को तैयार हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक…

एशियन गेम्स: पिता ने ज़मीन बेचकर दिलाई राइफ़ल, अब बेटी सोनम मस्कर देश के लिए जीतना चाहती हैं सोना
(फोटो: IANS)

कभी शौकिया तौर पर शूटिंग शुरू करने वाली कोल्हापुर की 23 वर्षीय सोनम उत्तम मस्कर अब जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का परचम लहराने को तैयार हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 10 मीटर एयर राइफल की इस प्रतिभाशाली शूटर के लिए यह सफर आसान नहीं था, जिसके लिए उनके परिवार ने एक बड़ी क़ुर्बानी दी।

सोनम बताती हैं कि जब प्रोफेशनल शूटिंग के लिए महँगे उपकरणों की ज़रूरत पड़ी, तो उनके पिता ने एक प्रॉपर्टी बेच दी। उन्होंने उस मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा, "एक समय ऐसा था जब हम आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे थे, खासकर लॉकडाउन के दौरान। जब यह साफ हो गया कि शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए मुझे अपने खुद के सामान की जरूरत है, तो मेरे पिता ने एक प्रॉपर्टी बेच दी ताकि हम उसे खरीद सकें।" सोनम के लिए यह उनके परिवार का सबसे बड़ा समर्थन था।

शौक से बना करियर

सोनम का शूटिंग से पहला परिचय 2018 में मुंबई के तोलानी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुआ था। उनकी खेलों में हमेशा से रुचि रही है और वह शतरंज भी खेलती थीं। उन्होंने बताया, "मैंने सोचा कि मुझे कुछ अलग आजमाना चाहिए, इसलिए मैंने शुरू में शूटिंग चुनी। मैंने शूटिंग को एक शौक के तौर पर शुरू किया था लेकिन जल्द ही यह कुछ ऐसा बन गया जिसके इर्द-गिर्द मैं अपना करियर बनाना चाहती थी।" कोविड महामारी ने शुरुआती प्रगति में बाधा डाली, लेकिन 2021 में उन्होंने कोल्हापुर रेंज में पूरी तरह से प्रशिक्षण शुरू कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान

सोनम ने बहुत कम समय में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में नई दिल्ली में 2024 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल में जीता गया सिल्वर मेडल शामिल है। सोनम ने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने पदक जीतना उनके लिए एक बेहद खास और यादगार पल था। इसी साल काहिरा वर्ल्ड कप में मिली जीत जैसी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं के कारण उन्हें रेलवे का प्रतिनिधित्व करने का भी मौका मिला।

एशियाई खेलों पर पूरा ध्यान

अब सोनम का पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर केंद्रित है, जहाँ शूटिंग इवेंट 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होंगे। वह अपनी तैयारी को पुख्ता करने के लिए भारतीय टीम के कोचों के साथ-साथ विदेशी कोच फार्निक थॉमस से भी ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने अपने इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा, "मैं उन सभी लोगों की बहुत आभारी हूं, जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया। मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा है, और मैं अपने स्पॉन्सर्स ओजीक्यू, एनआरएआई, साई एनसीओई, रेलवे और अपने पूरे सपोर्ट स्टाफ का भी शुक्रिया अदा करती हूं।"

इनपुट: IANS

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