चोट से उबरकर श्रीशंकर की ऐतिहासिक छलांग, पिता बोले- 'यह एक करिश्मा, मुझे उस पर गर्व है'
भारतीय एथलीट मुरली श्रीशंकर ने एक गंभीर चोट से उबरने के बाद ट्रैक पर शानदार वापसी की है, जिससे उनके पिता और कोच एस. मुरली बेहद खुश और गौरवान्वित हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि…
भारतीय एथलीट मुरली श्रीशंकर ने एक गंभीर चोट से उबरने के बाद ट्रैक पर शानदार वापसी की है, जिससे उनके पिता और कोच एस. मुरली बेहद खुश और गौरवान्वित हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि श्रीशंकर की यह उपलब्धि किसी करिश्मे से कम नहीं है, खासकर तब जब उन्हें यह चिंता थी कि बेटा शायद दोबारा ठीक से चल भी पाएगा या नहीं।
एस. मुरली ने बताया, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व का समय है। उसने एक बहुत ही खतरनाक चोट से उबरते हुए वापसी की है। हमने सोचा भी नहीं था कि चोट से वापसी के बाद वह इतना शानदार प्रदर्शन करेगा।" उन्होंने कहा कि एक पिता और कोच के तौर पर उनकी बस इतनी इच्छा थी कि श्रीशंकर एक आम इंसान की तरह चलने में सक्षम हो जाए, लेकिन बेटे ने देश, परिवार और खुद के लिए करिश्मा कर दिखाया।
चुनौतियों भरा वापसी का सफर
श्रीशंकर के पिता के अनुसार, चोट के बाद उनकी सर्जरी हुई और फिर रिहैबिलिटेशन में 6 से 7 महीने का लंबा वक्त लगा। यह श्रीशंकर की कड़ी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास ही था, जिसने इस यादगार वापसी को संभव बनाया। एस. मुरली ने याद करते हुए कहा, "उसने कहा था कि मैं वापसी करूंगा और फिर से जंप करूंगा। मेरे बारे में चिंता मत करिए। यह उसका आत्मविश्वास है। मेरी पत्नी ने भी उसकी रिकवरी के लिए बहुत पूजा-पाठ किया है।"
श्रीशंकर का शानदार प्रदर्शन
केरल के पल्लकड़ के रहने वाले श्रीशंकर ने अपने पिता एस. मुरली से ही कोचिंग ली है। उन्होंने प्रतियोगिता के दूसरे राउंड में 8.09 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। अपने पहले प्रयास में 8.03 मीटर की कूद लगाने वाले श्रीशंकर दो फाउल के बावजूद पूरे मुकाबले में पदक की दौड़ में बने रहे और अंततः दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया। गौरतलब है कि 27 वर्षीय श्रीशंकर ने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 8.08 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था।
इनपुट: IANS


