एशियन गेम्स में इतिहास रचने वालीं स्वप्ना बर्मन ने एथलेटिक्स को कहा अलविदा, चोटों के कारण लिया संन्यास
एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की पहली एथलीट स्वप्ना बर्मन ने अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार चोटों से…
एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की पहली एथलीट स्वप्ना बर्मन ने अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार चोटों से जूझने के बाद 29 वर्षीय स्वप्ना ने शुक्रवार को एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की।
स्वप्ना ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट में इसे अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक बताया। उन्होंने लिखा, "इतने वर्षों में, मुझे कई चोटें लगी हैं, जिसमें स्लिप्ड डिस्क और घुटने की चोटें शामिल हैं। मैंने दर्द से लड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन अब मेरा शरीर पहले की तरह मेरा साथ नहीं दे रहा है।"
स्वर्ण पदक से लेकर अर्जुन अवॉर्ड तक का सफर
स्वप्ना बर्मन सबसे पहले 2017 में भुवनेश्वर में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर चर्चा में आई थीं। लेकिन उनके करियर का सबसे यादगार पल 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में आया। जबड़े की गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इस स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय बनीं। इसी उपलब्धि के लिए उन्हें 2019 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
चोटों के बावजूद जारी रहा संघर्ष
लगातार चोटों से प्रभावित रहने के बाद भी स्वप्ना का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने 2019 और 2023 की एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीते। इसके अलावा, 2023 एशियन इंडोर चैंपियनशिप में पेंटाथलॉन में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया। हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में वह चौथे स्थान पर रही थीं। उनका आखिरी मुकाबला बेंगलुरु में 2025 नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में था, जहाँ उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अपने विदाई संदेश में उन्होंने कहा, "मैं एथलेटिक्स को शुक्रगुजार दिल और उन यादों के साथ छोड़ रही हूं जिन्हें मैं हमेशा संजो कर रखूंगी। एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्डी होना एक सम्मान की बात है जिसे मैं हमेशा बहुत गर्व के साथ रखूंगी।"
इनपुट: IANS


