बुधवार, 4 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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टीम इंडिया की फील्डिंग पर पूर्व कोच का बड़ा बयान, कहा- कल्चर में बदलाव की सख्त जरूरत

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने टी20 फॉर्मेट में टीम की फील्डिंग पर गंभीर चिंता जताई है। उनका मानना है कि इस फॉर्मेट में फील्डिंग के गिरते स्तर को सुधारने के लिए टीम के कल्चर…

टीम इंडिया की फील्डिंग पर पूर्व कोच का बड़ा बयान, कहा- कल्चर में बदलाव की सख्त जरूरत
(फोटो: IANS)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने टी20 फॉर्मेट में टीम की फील्डिंग पर गंभीर चिंता जताई है। उनका मानना है कि इस फॉर्मेट में फील्डिंग के गिरते स्तर को सुधारने के लिए टीम के कल्चर में एक बड़े बदलाव की जरूरत है। समाचार एजेंसी IANS से एक वर्चुअल बातचीत में उन्होंने कहा कि जो नए खिलाड़ी 22 अक्टूबर से शुरू हो रहे न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम में शामिल हुए हैं, वे फील्डिंग के लिहाज से पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

आंकड़े भी श्रीधर की चिंता को सही ठहराते हैं। साल 2024 में टी20 मुकाबलों में भारत का कैच पकड़ने का प्रतिशत सिर्फ 73.4% रहा है, जो टॉप 10 टीमों में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। इस दौरान टीम ने 58 कैच छोड़े। हालांकि भारतीय फील्डरों ने 129 रन बचाए, लेकिन छूटे कैच और ग्राउंड फील्डिंग की गलतियों की वजह से 226 अतिरिक्त रन भी दिए, जिससे कुल 97 रनों का शुद्ध नुकसान हुआ। इसके अलावा, टीम ने रनआउट के 19 मौके गंवाए, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा है, जबकि 14 रनआउट किए भी।

“फील्डिंग को कम प्राथमिकता दी जा रही है”

श्रीधर ने भारतीय टीम के मौजूदा फील्डिंग फॉर्म को लेकर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, "फॉर्म अच्छी नहीं है। भारतीय टीम की फील्डिंग का फॉर्म, न सिर्फ पिछले कुछ मुकाबलों में, बल्कि पिछले कुछ महीनों में भी अच्छा नहीं रहा है। हमने टी20 वर्ल्ड कप जीता, लेकिन उस टूर्नामेंट में भी हम एक अच्छी फील्डिंग यूनिट के आसपास भी नहीं थे। उस सेमीफाइनल में शायद अक्षर पटेल ने ही हमें हारने से बचाया था।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि फील्डिंग के मामले में और एक खास संस्कृति बनाने के मामले में अब फील्डिंग को निश्चित रूप से कम प्राथमिकता दी जा रही है। जैसा कि हम देख सकते हैं, भारतीय टीम की बैटिंग में एक कल्चर नजर आता है... लेकिन फील्डिंग में ऐसा कल्चर नहीं दिखता।" श्रीधर ने इस बात पर भी चिंता जताई कि टीम में आने वाले नए खिलाड़ी विराट कोहली या सूर्यकुमार यादव जैसे बेहतरीन फील्डर नहीं हैं।

सिस्टम के लिए एक चेतावनी

पूर्व कोच ने घरेलू क्रिकेट सिस्टम को इस समस्या पर ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर और फील्डिंग कोच सुभादीप घोष को कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग के लिए कड़े मानक तय करने होंगे। श्रीधर के मुताबिक, "यह पूरे सिस्टम के लिए जागने और सच्चाई को समझने का समय है।"

न्यूजीलैंड दौरे की अनोखी चुनौती

श्रीधर का मानना है कि न्यूजीलैंड के मौसम की वजह से यह दौरा भारतीय फील्डरों के लिए और भी मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि आमतौर पर भारत जनवरी-फरवरी में न्यूजीलैंड जाता है जब मौसम गर्म होने लगता है, लेकिन इस बार टीम अक्टूबर-नवंबर में जा रही है, जब वहां कड़ाके की ठंड होगी। उन्होंने कहा, "वहां बहुत ठंड हो सकती है, जब फील्डर्स को अपने हाथों को गर्म रखने के लिए हैंड वार्मर का इस्तेमाल करना पड़ता है... लेकिन यह आसान नहीं होगा।"

श्रीधर ने आखिर में अच्छे फील्डिंग कल्चर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 1983 वर्ल्ड कप फाइनल में कपिल देव और 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में सूर्यकुमार यादव के एक-एक कैच ने मैच का रुख पलट दिया था। उन्होंने कहा, "कैच लेने वाले सिर्फ मैच ही नहीं, बल्कि और भी बहुत कुछ जीत सकते हैं। वे भरोसा भी जीत सकते हैं।"

इनपुट: IANS

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