टीम से बाहर होना सबसे दुखद पल था, मुझे साबित करना था कि मैं ही बेस्ट हूं: शेफाली वर्मा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने हाल ही में अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद किया जब उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इसे अपने क्रिकेट करियर का 'सबसे…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने हाल ही में अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद किया जब उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इसे अपने क्रिकेट करियर का 'सबसे दुखद पल' बताया और कहा कि उस दौरान उन्होंने यह साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की कि वह देश के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।
जेएसडब्ल्यू द्वारा आयोजित एक मीडिया बातचीत में, समाचार एजेंसी IANS के हवाले से शेफाली ने बताया, "जब मुझे टीम से बाहर किया गया, तो वह समय मेरे लिए बहुत मुश्किल था। टीम से बाहर रहने के दौरान मैंने कितनी मेहनत की, यह सिर्फ मुझे ही पता है।" उन्होंने कहा, "सबसे अच्छी बात यह रही कि मैंने सब कुछ स्वीकार कर लिया। हां, मैं टीम में नहीं हूं, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी है... मुझे यह साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी हूं।"
एशियन गेम्स की जीत और महिला क्रिकेट का भविष्य
हाल ही में एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम की अहम सदस्य रहीं शेफाली ने इस जीत पर भी बात की। उन्होंने जापान में मिली सुविधाओं और समर्थन की प्रशंसा करते हुए कहा, "जब हम जापान गए थे, तो हमने सोचा भी नहीं था कि वहां की सुविधाएं इतनी अच्छी होंगी।" उन्होंने इसे भारतीय महिला क्रिकेट को गंभीरता से लिए जाने का प्रमाण बताया, जो टीम को और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है।
शेफाली का मानना है कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से भारत में महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा, "मुझे याद है जब हमने वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी... उसके बाद से भारतीय महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है।"
भावुक पल और परिवार का साथ
शेफाली ने बताया कि टीम की हर जीत उन्हें भावुक कर देती है क्योंकि तब उनकी सारी मेहनत आंखों के सामने आ जाती है। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने अपनी फिटनेस, स्किल्स और मानसिक सेहत पर काम करने का जिक्र किया। उन्होंने इस मुश्किल दौर में साथ देने के लिए अपने परिवार का विशेष रूप से शुक्रिया अदा किया। शेफाली ने कहा, "आखिर में परिवार ही हमारे लिए सब कुछ है। जिस तरह से उन्होंने उस समय मेरा साथ दिया, उसके लिए उनका शुक्रिया।"
इनपुट: IANS


