जो रूट दूसरी बार इंग्लैंड के कप्तान: बोले- 'टेस्ट खेलने का कोई एक तरीका नहीं होता'
इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी एक बार फिर जो रूट के हाथों में है और पाकिस्तान के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रही घरेलू सीरीज उनके दूसरे कार्यकाल की पहली परीक्षा होगी। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के दौर…
इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी एक बार फिर जो रूट के हाथों में है और पाकिस्तान के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रही घरेलू सीरीज उनके दूसरे कार्यकाल की पहली परीक्षा होगी। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के दौर के बाद टीम की बागडोर संभालते हुए रूट ने साफ किया है कि वह टीम के खेलने के तरीके में बहुत बड़े बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, लीड्स में होने वाले पहले टेस्ट से पहले रूट ने कहा कि इंग्लैंड को उन अच्छी चीजों को बनाए रखना चाहिए जो पिछले कुछ समय में विकसित हुई हैं।
लीड्स टेस्ट से ठीक पहले, कप्तान रूट ने अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक तरीका है। आपको परिस्थितियों के हिसाब से ढलना होता है और उसी के अनुसार खेलना पड़ता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पांच दिनों के खेल में अलग-अलग चुनौतियां आती हैं और टीम को उतार-चढ़ाव के साथ तालमेल बिठाना होता है।
कप्तानी का अनुभव और नया नजरिया
35 वर्षीय जो रूट इससे पहले 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी कर चुके हैं। अपने पिछले कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा, "जब मैंने पहली बार कप्तानी संभाली थी, उसकी तुलना में मैं एक अलग खिलाड़ी और इंसान हूं।" रूट ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनके पास 60 से ज्यादा मैचों का अनुभव है, जिससे उन्हें सीखने का मौका मिला।
उन्होंने आगे कहा, "मेरे पास एक कदम पीछे हटने, एक अलग माहौल, अलग कोच और कप्तान के साथ खेलने और खेल को एक अलग नजरिए से देखने का समय था। कई मायनों में मैं किसी भी दूसरे इंग्लैंड कप्तान जितना ही तैयार महसूस करता हूं।" रूट का मानना है कि उनका यह अनुभव टीम के लिए बेहद कीमती साबित होगा।
इनपुट: IANS


