शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कॉमनवेल्थ गेम्स: बॉक्सर जादुमणि सिंह का सफर चांदी तक, कोच सरिता देवी को बताया सफलता का राज

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले बॉक्सर जादुमणि सिंह भले ही गोल्ड से चूक गए हों, लेकिन उन्होंने अपनी इस कामयाबी का श्रेय पूरी तरह से अपनी मेंटॉर और दिग्गज बॉक्सर सरिता देवी…

कॉमनवेल्थ गेम्स: बॉक्सर जादुमणि सिंह का सफर चांदी तक, कोच सरिता देवी को बताया सफलता का राज
(फोटो: IANS)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले बॉक्सर जादुमणि सिंह भले ही गोल्ड से चूक गए हों, लेकिन उन्होंने अपनी इस कामयाबी का श्रेय पूरी तरह से अपनी मेंटॉर और दिग्गज बॉक्सर सरिता देवी को दिया है। 22 वर्षीय जादुमणि का मानना है कि सरिता के अटूट भरोसे और लगातार मार्गदर्शन के बिना ग्लासगो में यह उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं था।

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, जादुमणि ने फाइनल के बाद अपनी पूरी यात्रा में सरिता देवी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा, "सरिता मैम बचपन से ही मुझे बहुत सपोर्ट करती हैं। डाइट से लेकर ट्रेनिंग तक, उन्होंने मुझे एक एथलीट के हर पहलू के बारे में सिखाया है। उन्होंने ही मुझे बताया कि एक सफल बॉक्सर बनने के लिए क्या-क्या ज़रूरी है।"

फाइनल में मिली हार, लेकिन दिल जीता

पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में शनिवार को जादुमणि का सामना ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हुआ। तीन राउंड तक चले इस कड़े मुकाबले में भारतीय बॉक्सर ने पूरी टक्कर दी, लेकिन डिक्सन की अनुशासित काउंटर-पंचिंग और सटीक शॉट्स भारी पड़े। अंत में जादुमणि को 0-5 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

हर मुकाबले पर थी मेंटॉर की नज़र

जादुमणि ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान सरिता देवी हर दिन उनसे वीडियो कॉल पर बात करती थीं। उन्होंने कहा, "वह मेरा हर मुकाबला देखती थीं और फाइट के बाद ज़रूरी फीडबैक देती थीं। वह लगातार मेरा हौसला बढ़ाती रहीं कि मैं गोल्ड मेडल जीतकर ही घर लौटूंगा। उनके इस भरोसे का मेरे लिए बहुत महत्व था।"

फाइनल तक का दमदार सफर

जादुमणि सिंह ने फाइनल तक पहुंचने से पहले अपने सभी मुकाबले एकतरफा अंदाज में 5-0 से जीते थे। उन्होंने राउंड ऑफ-32 में स्कॉटलैंड के एरन कलन, प्री-क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के सुमामा रहमान, क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले और सेमीफाइनल में नामीबिया के फिलिप पुमुलो मुटाकेला हाओसेब को मात दी थी।

भले ही वह स्वर्ण पदक से एक कदम दूर रह गए, लेकिन जादुमणि इस जीत से खुश हैं। उन्होंने कहा, "मैं भारत के लिए मेडल जीतकर खुश हूं, लेकिन ज़ाहिर है कि मैं गोल्ड चाहता था। यह सिल्वर मेडल मुझे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। अब मेरा फोकस एशियन गेम्स और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉम्पिटिशन पर है।"

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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