मंगलवार, 3 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
अन्य खेल

अमेरिकी वीजा विवाद: U-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 9 भारतीय पहलवानों को नहीं मिला मौका, WFI अध्यक्ष ने जताई नाराज़गी

लास वेगास में चल रही अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को एक बड़ा झटका लगा है, जहाँ 9 भारतीय पहलवानों को अमेरिकी दूतावास ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारतीय…

अमेरिकी वीजा विवाद: U-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 9 भारतीय पहलवानों को नहीं मिला मौका, WFI अध्यक्ष ने जताई नाराज़गी
(फोटो: IANS)

लास वेगास में चल रही अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को एक बड़ा झटका लगा है, जहाँ 9 भारतीय पहलवानों को अमेरिकी दूतावास ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे भारत के लिए स्वर्ण पदक का नुकसान बताया है।

संजय सिंह ने कहा कि यह फैसला इस आधार पर लिया गया कि ये पहलवान 20 साल से कम उम्र के थे और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं थी। उन्होंने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए इसे अमेरिकी दूतावास की 'पूरी तरह से गलती' करार दिया। सिंह ने बताया, "टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। जिन 9 पहलवानों को वीज़ा नहीं मिला, उनमें से कम से कम दो स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार थे।"

ग्रीको-रोमन और महिला टीमें प्रभावित

इस वीज़ा समस्या के कारण ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती टीमों के पहलवान प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके। हालांकि, 10 सदस्यीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम को लास वेगास जाने की मंजूरी मिल गई थी। यह चैंपियनशिप 12 अक्टूबर से शुरू हुई है और 18 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें अलग-अलग वर्गों के मुकाबले हो रहे हैं। WFI अध्यक्ष के अनुसार, विश्व कुश्ती की सर्वोच्च संस्था (UWW) के अध्यक्ष ने भी इस मामले में दूतावास को पत्र लिखा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

विश्वजीत मोरे से गोल्ड की उम्मीद

इस निराशा के बीच, ग्रीको-रोमन पहलवान विश्वजीत मोरे ने भारत के लिए उम्मीद की किरण जगाई है। 55 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल में पहुँच गए हैं और अब स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। वह इस चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान हैं।

फाइनल तक का सफर: अपने अभियान में मोरे ने मेक्सिको, ईरान (अंडर-20 विश्व चैंपियन) और रूस के पहलवानों को हराया। अब स्वर्ण पदक के लिए उनका सामना जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से होगा। अगर वह जीतते हैं, तो अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे।

इनपुट: IANS

N

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से खेल जगत से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →