हरियाणा के जींद की रहने वालीं अंशु मलिक ने कुश्ती की दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। यह उस परिवार की बेटी की कहानी है, जिसकी रगों में पहलवानी दौड़ती है। 2021 में विश…
5 अगस्त 2001 को जींद के निडानी गांव में जन्मी अंशु का बचपन कुश्ती के माहौल में ही बीता। जहाँ माँ चाहती थीं कि बेटी डॉक्टर बने, वहीं पिता ने बेटी के जुनून को पहचाना और पूर…
अंशु मलिक ने अपनी प्रतिभा का लोहा जल्दी ही मनवा लिया। उन्होंने 2016 में एशियन कैडेट चैंपियनशिप का खिताब जीता और 2018 में वर्ल्ड कैडेट और जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक…
अंशु ने दो बार ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में वह कोहनी की चोट के कारण 'राउंड ऑफ 16' में हार गईं, लेकिन अगले ही साल विश्व चैंपियनशिप…
एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में तीन बार पदक जीत चुकीं अंशु मलिक को कुश्ती में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 2022 में प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया। उनक…
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