एशियन गेम्स में भारत को 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक दिलाने वाली सोनम मस्कर की सफलता के पीछे एक परिवार के अथक संघर्ष, त्याग और अटूट विश्वास की कहानी है। समाच…
रविवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कुल 1898.0 अंकों के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस जीत में कोल्हापुर की सोनम का योगदान अहम रहा, जिन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड मे…
सोनम का परिवार कई साल पहले व्यवसाय के लिए मुंबई में बस गया था, लेकिन लॉकडाउन ने सब कुछ बदल दिया। काम बंद होने पर उन्हें कोल्हापुर अपने गांव लौटना पड़ा, जहाँ गंभीर आर्थिक…
उनके पिता उत्तम मस्कर ने IANS को बताया, "बेटी ने 11वीं में राइफल शूटिंग को चुना। यह बहुत खर्चीला खेल था। लॉकडाउन में मेरा बिजनेस ठप्प हो गया, जिसके बाद हमें गांव लौटना पड…
सोनम की माँ सुमन बताती हैं कि बेटी की उपलब्धि पर उन्हें बहुत गर्व है। उन्होंने कहा, "प्रैक्टिस के दौरान वह 5-6 घंटे खड़ी रहती है और भारी-भरकम राइफल व भारी ड्रेस के साथ कड…
इस ऐतिहासिक जीत के बाद सोनम ने भी अपना अगला लक्ष्य स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा, "2028 के ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना ही मेरा मुख्य लक्ष्य है और इसके…
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