भारत की दिग्गज वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू ने 2026 में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए एक कड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने खुद को चुनौती दी है कि जब…
मीराबाई के लिए एशियाई खेल हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहे हैं। हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण में वह 49 किलोग्राम वर्ग में चौथे स्थान पर रही थीं, जबकि 2018 के जकार्ता खेलों से…
मीराबाई की पहली प्राथमिकता चोट से मुक्त रहना है, जिसके लिए वह अमेरिकी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच डॉ. एरॉन हॉर्शिग के साथ मिलकर काम कर रही हैं। नवंबर 2020 से जारी इस जुड़ाव…
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने के बावजूद, मीराबाई वहां की प्रतिस्पर्धा को ज्यादा अहमियत नहीं दे रही हैं। उनका मानना है कि असली परीक्षा तो अब आनी बाकी है।…
2024 के पेरिस ओलंपिक में मीराबाई सिर्फ एक किलोग्राम के अंतर से चौथे स्थान पर रह गई थीं। एशियाई खेलों में उनका प्रदर्शन भविष्य की योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगा, खासकर…
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