कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक माँ, एक पीएचडी स्कॉलर और तमाम चुनौतियों स…
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय सीमा के लिए यह पदक उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मेडल है। फाइनल में उनका प्रदर्शन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहाँ उ…
सीमा का करियर कई मुश्किलों से भरा रहा। घुटने की एक गंभीर चोट ने उन्हें तीन साल से ज़्यादा समय तक खेल से दूर रखा। इसके बाद प्रेग्नेंसी और माँ बनने की जिम्मेदारियों के चलते…
दिलचस्प बात यह है कि माँ बनने के बाद सीमा का प्रदर्शन और भी बेहतर हुआ। 2022 में बेटे के जन्म से पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 48.08 मीटर था। खेल में वापसी के बाद 2…
लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने 2025 में नेशनल गेम्स और बाद में नेशनल टाइटल भी जीता। साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतना उनकी वापसी का एक अ…
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