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‘मिशन चमत्कार’ से कॉमनवेल्थ गेम्स तक: चोट से उबरकर पोडियम पर नज़र गड़ाए हुए हैं तेजस शिर्से

(फोटो: IANS)

पिछले साल टखने की गंभीर चोट के कारण लगभग रेस से बाहर हो चुके भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस शिर्से अब कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है…

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समाचार एजेंसी IANS से हुई एक खास बातचीत में तेजस ने अपने इरादे साफ करते हुए कहा, "जीतना ही एकमात्र लक्ष्य है। मैं वहां जाकर यह नहीं कहना चाहता कि यह प्रक्रिया का हिस्सा ह…

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कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स तक का सफर तेजस के लिए आसान नहीं था। पिछले साल एक टक्कर के दौरान उनका टखना तीन-चार जगहों से लगभग टूट गया था, जिससे वे काफी निराश हो गए थे। उन्होंन…

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रांची में फेडरेशन कप में 13.67 और 13.50 सेकंड का समय निकालने के बाद तेजस की सोच में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने इस मौके को एक 'फ्री हिट' की तरह देखा और लुधियाना में 13.27 सेक…

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छत्रपति संभाजीनगर में पले-बढ़े तेजस की पृष्ठभूमि काफी साधारण रही है। सुविधाओं की कमी के चलते उन्हें इंटरनेट ट्यूटोरियल से खेल सीखना पड़ा और ट्रेनिंग के लिए लकड़ी की बाधाए…

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कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस का सामना जमैका और कैरिबियन के धावकों से होगा, जबकि एशियन गेम्स में जापान और चीन के एथलीट कड़ी चुनौती पेश करेंगे। इन सबसे बेफिक्र तेजस का ध्यान सिर…

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