ओलिंपिक में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक नई चुनौती के लिए तैयार हैं। पेरिस 2024 ओलिंपिक म…
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में चानू ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा से भारत के लिए पदक का एक मज़बूत स्रोत रहा है और इस बार भी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम…
मीराबाई चानू के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा से एक सफल मंच रहा है। उन्होंने 2014 में ग्लासगो में अपने डेब्यू पर रजत पदक जीता था। इसके बाद, 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम,…
हालांकि, इस बार के आयोजन को लेकर उन्होंने एक चिंता भी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा, "एक बुरी बात यह है कि एथलीटों की संख्या कम है। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है।" फिर भी, उन्होंन…
चानू ने पेरिस ओलिंपिक के अपने अनुभव पर भी बात की, जहाँ वह 49 किग्रा वर्ग में मामूली अंतर से पदक से चूक गई थीं। उन्होंने बताया कि चोट के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई थी।…
मीराबाई ने टोक्यो ओलिंपिक में रजत पदक जीतकर वेटलिफ्टिंग में भारत का 21 साल का लंबा इंतजार खत्म किया था। अब वह पूरी तरह से कॉमनवेल्थ गेम्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और…
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