आइची-नागोया में चल रहे एशियाई गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। लेकिन उनके लिए यह जीत सिर्फ एक मेडल…
ईशा ने फाइनल में आठवें स्थान पर रहते हुए क्वालिफाई किया था, जिसके बाद मेडल राउंड किसी रोमांचक मुकाबले से कम नहीं रहा। इसमें कई शूट-ऑफ, तकनीकी दिक्कतें और स्वर्ण पदक के लि…
जैसे-जैसे फाइनल आगे बढ़ा, ईशा के लिए शारीरिक थकान एक बड़ी चुनौती बन गई। उन्होंने बताया, "मेरा हाथ थोड़ा थक गया था क्योंकि स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करने वाले किसी भी अन्य…
ईशा ने कहा, "मैं जजों की गलतियों के लिए शुक्रगुजार थी, क्योंकि मुझे थोड़ा आराम मिल गया। शायद आप इसे भगवान की कृपा कह सकते हैं कि मुझे थोड़ा समय मिला और सोचने का मौका मिला…
ईशा सिंह ने इस अनुभव को अद्भुत बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया। उन्होंने स्वीकार किया कि फाइनल के दौरान कई बार वह बाहर होने की कगार पर थीं, लेकिन उ…
ईशा ने इस अनुभव की तुलना ओलंपिक के दबाव से की और कहा कि इस मैच ने उन्हें उन पुरानी मुश्किलों का सामना करने का मौका दिया, जिनसे वह पहले पार नहीं पा सकी थीं। उन्होंने कहा,…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें