कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा-एथलेटिक्स में भारत के शानदार प्रदर्शन ने एक नई मिसाल कायम की है। पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में दिलीप महादू गावित और मोहम्मद बासिल मोरस…
समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए कोच सत्यनारायण ने कहा, "पैरा खेलों की सफलता से सामान्य एथलीट भी यह मानने लगे हैं कि वे मेडल जीत सकते हैं। हम हमेशा अपने एथलीट से कहते ह…
दिलीप गावित के गोल्ड मेडल के पीछे कोच सत्यनारायण का एक अहम फैसला भी था। उन्होंने बताया, "दिलीप पहले 400 मीटर रेस में दौड़ते थे, लेकिन मैंने उसे 100 मीटर में शिफ्ट कर दिया…
महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव तोरण डोंगरी से आने वाले दिलीप का जीवन आसान नहीं रहा। बचपन में करीब पांच-छह साल की उम्र में एक पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभी…
दिलीप ने इससे पहले 2022 के एशियन पैरा गेम्स में भी 400 मीटर T47 स्पर्धा में गोल्ड जीता था, जो उस प्रतियोगिता में भारत का 100वां पदक था। इसके अलावा, उन्होंने पेरिस 2024 पै…
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