सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक ऐसी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई जो खेल को संवैधानिक रूप से मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग करती है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, याचिका…
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मांग को 'सराहनीय' और 'बेहद जरूरी' बताया। कोर्ट ने टिप्पणी की, "अब इस डिजिटल युग में, बच्चे खेल के मैदानों से पूरी तरह दूर होते जा रहे हैं।"
क्यों अलग हैं 'खेल' और 'फिजिकल लिटरेसी'?
डॉ. पांडे की याचिका पर कोर्ट ने पहले एक 'एमिकस क्यूरी' (न्याय मित्र) नियुक्त किया था, जिनकी रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। याचिकाकर्ता ने इसी रिपोर्ट के कुछ हिस्सों पर आपत्…
इस जनहित याचिका का आधार यह है कि हर बच्चे और नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए खेलों में भागीदारी ज़रूरी है। याचिका में कहा गया है कि इसे सिर्फ़ व्यक्तिगत पसंद या प्रतिस्प…
याचिका के अनुसार, खेल के कई सामाजिक और विकासात्मक फायदे हैं। यह न सिर्फ शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, टीम वर्क और आत्मविश्व…
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