कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले बॉक्सर रोहित टोकस की कहानी दृढ़ संकल्प और वापसी की एक मिसाल है। दिल्ली के मुनीरका में 1 अगस्त 1993 को जन्मे रोह…
रोहित के पिता ने उन्हें और उनके भाइयों को बचपन में घर के पास की एक अकादमी में बॉक्सिंग सीखने भेजा था। लेकिन रोहित ने एक-दो साल की ट्रेनिंग के बाद इसे छोड़कर तैराकी शुरू क…
साल 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स देखने के बाद रोहित ने बॉक्सिंग को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया। 2011 में उन्होंने नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड और क्यूबा य…
लगातार चोटों से जूझने के बावजूद रोहित ने हार नहीं मानी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के पहले मुकाबले से ठीक पहले भी उनके उसी घुटने में फिर चोट लग गई। फिजियोथेरेपिस्ट की मदद और घु…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें