यह कहानी भारतीय फुटबॉल के उस स्वर्णिम दौर की है, जब 1962 के एशियाई खेलों में एक खिलाड़ी ने चोट के बावजूद अपने साहस और असाधारण खेल से देश को चैंपियन बना दिया था। हम बात कर…
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों का सेमीफाइनल मुक़ाबला दक्षिण वियतनाम के खिलाफ था। इसी मैच के दौरान जरनैल सिंह के सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्हें…
दर्द में होने पर भी जरनैल सिंह का हौसला नहीं टूटा। उन्होंने दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल मुक़ाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया और गोल दागकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अ…
जरनैल सिंह 1965 से 1967 तक भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान भी रहे। वह एशियाई ऑल-स्टार टीम में चुने जाने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे और उन्हें इस टीम की कप्तानी क…
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