सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर हार्दिक सिंह बोले- 'वर्ल्ड कप की निराशा खिलाड़ियों को फैंस से ज़्यादा थी'

भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम के सफर और आलोचकों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि जब टीम वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर…

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर हार्दिक सिंह बोले- 'वर्ल्ड कप की निराशा खिलाड़ियों को फैंस से ज़्यादा थी'
(फोटो: IANS)

भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम के सफर और आलोचकों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि जब टीम वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, तो फैंस से कहीं ज़्यादा निराशा खुद खिलाड़ियों को हुई थी। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने फैंस से टीम का समर्थन सिर्फ बड़े टूर्नामेंट में नहीं, बल्कि पूरे सफर में करने की अपील की।

नागोया में हार्दिक ने कहा, "वर्ल्ड कप के बाद फैंस और मीडिया निराश थे। हालांकि, आपको नहीं पता कि खिलाड़ियों के मन में क्या चल रहा होता है। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह बहुत मुश्किल था... खिलाड़ियों से ज्यादा निराश कोई नहीं होता।" उन्होंने बताया कि गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य इतना बड़ा था कि टीम पिछले पांच-छह दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाई थी।

वर्ल्ड कप की हार से एशियन गेम्स के शिखर तक

अगस्त में हुए FIH वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी। टीम को नीदरलैंड (1-3) और अर्जेंटीना (3-5) से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उसे काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। लेकिन एशियन गेम्स में टीम ने शानदार वापसी करते हुए न केवल अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा टिकट हासिल कर लिया।

यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। यह पहली बार है जब भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार हॉकी का स्वर्ण पदक जीता है। इसके साथ ही, हरमनप्रीत सिंह इस महाद्वीपीय इवेंट में टीम को दो गोल्ड मेडल दिलाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। यह एशियन गेम्स में भारत का कुल पांचवां पुरुष हॉकी स्वर्ण पदक है। इससे पहले टीम 1966, 1998, 2014 और 2023 में चैंपियन बनी थी।

'असली फैंस की तरह पूरी यात्रा में साथ दें'

हार्दिक सिंह ने फैंस से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा, "मैं बस एक बात कहना चाहता हूं। अगर आप हमारा हौसला बढ़ाना चाहते हैं, तो सिर्फ वर्ल्ड कप के लिए ही न आएं। हमारी लीग के भी मैच होते हैं। आप वहां आकर हमें खेलते हुए देख सकते हैं।"

उन्होंने बेल्जियम का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह टीम वर्ल्ड कप में सातवें स्थान पर रही थी, तब भी उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की थी। हार्दिक के शब्दों में, "हम सचमुच सोच रहे थे, 'ये हैं असली फैंस'... अगर आप हमारा समर्थन करना चाहते हैं, तो कृपया आगे आएं और हमारी हॉकी यात्रा को फॉलो करें।"

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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