वुहान ओपन: चोट से लौटीं सोने कर्तल ने स्वितोलिना को हराकर रचा इतिहास, पहली बार WTA 1000 सेमीफाइनल में
ब्रिटेन की टेनिस खिलाड़ी सोने कर्तल ने चोट से शानदार वापसी करते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने शुक्रवार को वुहान ओपन के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी एलिना…
ब्रिटेन की टेनिस खिलाड़ी सोने कर्तल ने चोट से शानदार वापसी करते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने शुक्रवार को वुहान ओपन के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना को एक कड़े मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जीत के साथ ही कर्तल पहली बार किसी डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँच गई हैं।
2 घंटे और 3 मिनट तक चले इस रोमांचक मैच में कर्तल ने स्वितोलिना को 6-2, 2-6, 6-4 से मात दी। पहला सेट आसानी से जीतने के बाद कर्तल ने दूसरा सेट गंवा दिया, लेकिन तीसरे और निर्णायक सेट में संयम दिखाते हुए उन्होंने जीत अपने नाम कर ली।
मैच के बाद क्या बोलीं कर्तल?
जीत के बाद ब्रिटिश खिलाड़ी ने अपनी मानसिक दृढ़ता पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, "पहला सेट आसानी से जीतने के बावजूद, मुझे पता था कि स्वितोलिना एक बेहतरीन फाइटर हैं। इसलिए मुझे पता था कि जब तक आखिरी प्वाइंट नहीं खेला जाता, तब तक मैं सुरक्षित नहीं हूं। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैंने इस मैच में कितना दृढ़ संकल्प दिखाया। मुझे लगता है कि पूरे मैच के दौरान मैंने बहुत संयम बनाए रखा।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "इस हफ्ते मैं एक नया मुकाम हासिल कर रही हूं। मैं पहले कभी डब्ल्यूटीए 1000 के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची थी।"
ऐतिहासिक उपलब्धि और अगला मुकाबला
पीठ की चोट के कारण लंबे समय तक कोर्ट से दूर रहने के बाद यह कर्तल का केवल तीसरा टूर्नामेंट है। साल 2009 में डब्ल्यूटीए 1000 फॉर्मेट शुरू होने के बाद वह जोहाना कोंटा के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली सिर्फ दूसरी ब्रिटिश खिलाड़ी बन गई हैं। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला ओस्टापेंको से होगा, जिन्होंने डायना श्नाइडर को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है।
इनपुट: IANS


