यूसुफ पठान को वडोदरा में मिलेगा विवादित प्लॉट, 12 साल पुराने मामले में गुजरात सरकार ने दी मंजूरी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार से एक बड़ी राहत मिली है। सरकार ने वडोदरा के तांदलजा इलाके में स्थित एक विवादित प्लॉट को पठान को आवंटित करने के प्रस्ताव को हरी…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार से एक बड़ी राहत मिली है। सरकार ने वडोदरा के तांदलजा इलाके में स्थित एक विवादित प्लॉट को पठान को आवंटित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मामला करीब 12 साल से लंबित था, जब पठान ने 2012 में पहली बार इस ज़मीन के लिए आवेदन किया था।
यह आवंटन एक विशेष मामले के तौर पर किया गया है और राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसे भविष्य के लिए एक मिसाल नहीं माना जाएगा। इस फैसले के बाद, वडोदरा महानगरपालिका (VMC) की स्थायी समिति और सामान्य सभा की मंजूरी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्या है प्लॉट आवंटन की शर्तें?
कुल 978 वर्ग मीटर के इस प्लॉट की मौजूदा कीमत 20.53 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकारी मंजूरी के तहत, इसमें से 500 वर्ग मीटर ज़मीन यूसुफ पठान को आवासीय उद्देश्य के लिए उपहार के तौर पर नि:शुल्क दी जाएगी। बाकी बची 478 वर्ग मीटर ज़मीन उन्हें निर्धारित मूल्य पर 45 प्रतिशत की छूट के साथ हस्तांतरित की जाएगी। राज्य का राजस्व विभाग इस ज़मीन के मूल्य के बराबर की दूसरी ज़मीन वडोदरा महानगरपालिका को मुआवजे के रूप में देगा। यह प्लॉट पठान परिवार के मौजूदा घर के पास ही स्थित है।
क्या था पूरा विवाद?
2012: यूसुफ पठान ने पूर्व क्रिकेटर होने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वडोदरा नगर निगम से बिना नीलामी के 99 साल की लीज पर यह प्लॉट मांगा था। उस समय इसकी कीमत 5.6 करोड़ रुपये थी, जिसे देने के लिए पठान तैयार थे। नगर निगम ने इस प्रस्ताव पर सहमति भी दे दी थी।
2014: बिना नीलामी के ज़मीन देने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी अनिवार्य थी, लेकिन गुजरात के शहरी विकास विभाग ने 2014 में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, नगर निगम ने आरोप लगाया था कि पठान ने ज़मीन पर घेराबंदी कर ली थी।
2024 और उसके बाद: इस साल नगर निगम ने कथित अतिक्रमण हटाने के लिए पठान को नोटिस जारी किया, जिसे उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, अगस्त 2025 में हाईकोर्ट ने सरकार के आवंटन खारिज करने के फैसले को सही ठहराया। बाद में 31 अगस्त 2026 को यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका बिना शर्त वापस ले ली थी।
इनपुट: IANS


